राहुल गांधी ने PM मोदी का Video शेयर कर कहा- इन 3 असफलताओं पर हॉर्वर्ड में केस स्टडी होगी

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राहुल गांधी ने PM मोदी का Video शेयर कर कहा- इन 3 असफलताओं पर हॉर्वर्ड में केस स्टडी होगी


राहुल गांधी ने Covid-19, नोटबंदी और जीएसटी को लेकर निशाना साधा है

नई दिल्ली :

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि भविष्य में हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में असफलताओं पर अध्ययन के लिए कोरोना वायरस पर भारत सरकार के उठाए कदम भी शामिल होंगे. राहुल गांधी ने कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या पर पीएम मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने पीएम मोदी के भाषण की एक क्लिप भी ट्विटर पर शेयर की है. जिसमें पीएम मोदी कह रहे हैं कि महाभारत का युद्ध 18 दिन चला था और कोरोना से लड़ाई 21 दिन तक चलेगी.  इस वीडियो क्लिप में एक ग्राफ को भी जोड़ा गया है जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह से भारत में कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़ी है और वह दुनिठा में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है.  राहुल  ने इस वीडियो के साथ ट्विटर पर लिखा, ‘ भविष्य में हार्वर्ड  बिजनेस स्कूल (HBS) असफलताओं पर अध्ययन करेगा, कोविड-19, नोटबंदी और जीएसटी’. आपको बता दें कि राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या रूस से भी ज्यादा हो जाने के एक दिन बाद आई है. अब पूरी दुनिया में अमेरिका और ब्राजील ही भारत से इस मामले में आगे हैं. 

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वहीं आज आए आंकड़ों की बात करें तो बीते 24 घंटों में  देश में कोविड-19 के 24,248 नए मामले सामने आये तथा इस वायरस के कारण 425 और लोगों की जान गयी.  इसके साथ ही देश में संक्रमित लोगों एवं मरने वालों की कुल संख्या बढ़ कर क्रमश: 6,97,413 और 19,693 हुयी. 

आंकड़ों के अनुसार देश में अभी तक कोविड-19 के 4,24,432 मरीज ठीक हो चुके हैं और एक मरीज देश ये बाहर चला गया है। वहीं देश में 2,53,287 लोगों का इलाज जारी है.  स्वास्थ्य  मंत्रालय ने कहा, ‘अभी मरीजों के ठीक होने की दर 60.85 प्रतिशत है.’ कुल पुष्ट मामलों में भारत में संक्रमित पाए गए विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.  भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार पांच जुलाई तक कुल 99,69,66 लोगों की कोविड-19 की जांच की गई है, जिनमें से 1,80,596 लोगों की जांच रविवार को ही की गई.





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पीएम मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से की मुलाकात, करीब आधे घंटे हुई बात

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से की मुलाकात, करीब आधे घंटे हुई बात


राष्ट्रपति भवन ने बैठक के बाद ट्वीट करके दी जानकारी

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से रविवार को मुलाकात की और दोनों नेताओं ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर बातचीत की. राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. राष्ट्रपति भवन ने बैठक के बाद ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात की और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों से जुड़ी जानकारी दी…”

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यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को चीनी और भारतीय सैन्य बलों के बीच हुई झड़प के बाद प्रधानमंत्री ने इस सप्ताह की शुरुआत में लेह का दौरा किया और जवानों को संबोधित किया था. इस झड़प में भारत के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे जिसमें चीन को भी काफी नुकसान होने की खबरें हैं.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)





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पीएम मोदी ने यूएसए के स्वतंत्रता दिवस पर बधाई दी, ट्रंप ने कहा- भारत से प्यार करता है अमेरिका

पीएम मोदी ने यूएसए के स्वतंत्रता दिवस पर बधाई दी, ट्रंप ने कहा- भारत से प्यार करता है अमेरिका


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो).

नई दिल्ली:

अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वहां के लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी. इस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गर्मजोशी के साथ जवाब दिया. उन्होंने ट्वीट किया- ”धन्यवाद मेरे दोस्त. अमेरिका भारत से प्यार करता है.” 

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पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने ट्वीट किया कि ”मैं अमेरिका के 244 वें स्वतंत्रता दिवस पर डोनाल्ड ट्रंप और यूएसए के लोगों को बधाई देता हूं. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों के रूप में हम स्वतंत्रता और मानव उद्यम को संजोते हुए इस दिन को मनाते हैं.” 

पीएम मोदी के ट्वीट के रिप्लाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा ”धन्यवाद मेरे दोस्त. अमेरिका भारत से प्यार करता है.”   

गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच जारी तनाव के दौरान अमेरिका भारत के पक्ष में खुलकर सामने आ गया है. अमेरिका ने गुरुवार को चीन को खरी-खोटी सुनाई. अमेरिका ने कहा है कि चीन भारत के खिलाफ लगातार आक्रामक है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केली मैक्नेनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हवाले से कहा कि ‘इलाके में भारत सहित दूसरे देशों के प्रति चीन का आक्रामक रवैया उसकी कम्युनिस्ट पार्टी वाली सत्ता का असली चेहरा है.’ प्रेस सचिव ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद और तनाव के बीच अमेरिका स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका चाहता है कि इसका कोई शांतिपूर्ण समाधान निकले.

मैक्नेनी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस संबंध में सवाल पूछे जाने पर कहा, ‘भारत-चीन संबंध में हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं. राष्ट्रपति की नजर भी इस पर है और उन्होंने कहा है कि भारत-चीन सीमा पर चीन का जो रुख है, वो चीन के बड़े स्तर पर अपनाए गए आक्रामक रुख का हिस्सा है. चीन की यह हरकतें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का असली चेहरा हैं.’





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कांग्रेस का बीजेपी पर पलटवार, चीन से संबंधों पर पूछे ये 10 सवाल...

कांग्रेस का बीजेपी पर पलटवार, चीन से संबंधों पर पूछे ये 10 सवाल…


रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘भाजपा नेतृत्व को अपने प्रगाढ़ चीनी संबंधों, ‘चाईना एसोसिएशन फॉर इंटरनेशनल फ्रेंडली कॉन्टैक्ट’ (‘सीएआईएफसी’) से अपने संपर्क एवं सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (‘सीसीपी’) के साथ अपने रिश्तों बारे सवाल पूछे जाने तथा जवाब देने का भय भी है. क्या जे. पी. नड्डा एवं भाजपा नेतृत्व इन 10 सवालों के जवाब देंगेः

1. भाजपा का कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाईना (‘सीसीपी’) से क्या संबंध है? भाजपा एवं सीसीपी के बीच क्या ऐतिहासिक रिश्ते हैं, जिसके बारे में 30 जनवरी, 2007 को सीसीपी डेलिगेशन की यात्रा के दौरान तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष, राजनाथ सिंह ने कहा था व इसके बाद 17 अक्टूबर, 2008 को सीसीपी के मेंबर्स ऑफ पोलिटबुरो के साथ बैठक के दौरान भी इसका उल्लेख किया?

2. जनवरी, 2009 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (‘आरएसएस’) सीसीपी के बुलावे पर चीन क्यों गया? आरएसएस के डेलिगेशन को सीसीपी ने आमंत्रित क्यों किया, बावजूद इसके कि आरएसएस कोई राजनैतिक दल नहीं है? आरएसएस और सीसीपी के बीच अरुणाचल प्रदेश तथा तिब्बत बारे क्या बातचीत हुई?

3. तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष, नितिन गडकरी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाईना (‘सीसीपी’) के बुलावे पर 19 जनवरी, 2011 को चीन की पांच दिवसीय यात्रा पर क्यों गए? इसके पीछे क्या मकसद था?

4. तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष, अमित शाह ने नवंबर, 2014 में भाजपा सांसदों/विधायकों का एक डेलिगेशन चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (‘सीसीपी’) के ‘‘द पार्टी स्कूल” के एक सप्ताह चलने वाले अध्ययन के लिए चीन क्यों भेजा? इसके पीछे क्या राज था?

5. नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए 4 अलग अलग अवसरों तथा भारत का प्रधानमंत्री रहते हुए 5 अलग अलग अवसरों पर चीन की यात्रा क्यों की तथा 3 बार भारत में चीनी प्रीमियर की मेजबानी क्यों की? क्या वो पिछले 6 सालों में प्रधानमंत्री के रूप में चीनी प्रीमियर के साथ 18 बैठकें करने वाले देश के एकमात्र प्रधानमंत्री नहीं हैं? क्या चीनियों के साथ ‘झूला झूलने की कूटनीति’ फेल साबित हुई?

6. जैसा राजीव गांधी फाउंडेशन ने सार्वजनिक किया, क्या उसी भांति, भाजपा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (‘आरएसएस’) से अपने सभी दानदाताओं की सूची सार्वजनिक करने के लिए कहेगी तथा सभी विदेशी स्रोतों से आने वाले व व्यक्तियों, इकाईयों, संगठनों और सरकारों द्वारा आरएसएस व उसके अलग अलग संगठनों को दिए गए पैसे का हिसाब देश को देगी?

7. जैसा राजीव गांधी फाउंडेशन ने सार्वजनिक किया, क्या उसी भांति भाजपा, विवेकानंद फाउंडेशन एवं इंडिया फाउंडेशन के सभी दानदाताओं की सूची (विदेशी नागरिकों सहित) सार्वजनिक करेगी व यह भी बताएगी कि किस किस विदेशी कंपनी, इकाई, व्यक्ति, संगठन या सरकार (जिनमें चीनी मूल के संगठन भी अगर शामिल हैं) से कितना पैसा किस किस तारीख को इन दोनों फाउंडेशन को मिला?

8. क्या भाजपा उन डोनर्स के नाम सार्वजनिक करेगी, जिनसे भाजपा ने इलेक्टोरल बॉन्ड्स के माध्यम से हजारों करोड़ों रु. की डोनेशन प्राप्त की है?

9. क्या भाजपा ‘’ओवरसीज़ फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी” (‘OF-BJP’) के द्वारा फंडिंग के स्रोत, प्राप्त किए गए पैसे, डोनर्स के नाम (समेत अगर चीनी मूल के डोनर्स शामिल हैं) सार्वजनिक करेगी? ‘’ओवरसीज़ फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी – चीन एवं हांग कांग” से उपरोक्त संस्था को कितना पैसा मिला और कब? श्री राजकुमार नारायणदास सबनानी उर्फ राजू सबनानी का OF-BJP से क्या संबंध है?

10. क्या भाजपा/आरएसएस को इंटरनेशनल फाउंडेशंस, फंड्स, इकाईयों व संगठनों से फंडिंग मिली है? यदि हां, तो भाजपा-आरएसएस को पिछले 6 सालों में इंटरनेशनल फंडिंग एवं डोनर्स से कितना पैसा मिला?

गलवान घाटी में नदी के पास दिखे काले तिरपाल



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अक्षरा सिंह ने पीएम मोदी के आत्मनिर्भर अभियान पर बनाया गाना, चीन को भी दिया जवाब- देखें Video

अक्षरा सिंह ने पीएम मोदी के आत्मनिर्भर अभियान पर बनाया गाना, चीन को भी दिया जवाब- देखें Video


अक्षरा सिंह (Akshara Singh) ने लॉन्च किया नया सॉन्ग

खास बातें

  • अक्षरा सिंह का वीडियो हुआ वायरल
  • पीएम मोदी के आत्मनिर्भर अभियान पर बनाया गाना
  • चीन को भी दी चेतावनी

नई दिल्ली:

भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह (Bhojpuri Actress Akshara Singh) ने कोरोना संकट और चीन की नापाक हरकत के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के आत्‍मनिर्भर बनाने के अभियान को एक गाना ‘हमको सबसे बड़ा होना है’ समर्पित किया, जो खूब वायरल हो रहा है. अक्षरा सिंह ऑफिशल यूट्यूब चैनल से जारी यह गाना देशभक्ति से ओत प्रोत है. गाने की शुरुआत ही इम्‍पोर्ट की जगह एक्‍सपोर्ट करने जैसी लाइन से होती है, जो साफ जाहिर करता है कि अक्षरा सिंह (Akshara Singh) चीन के नापाक इरादों से काफी आहत हैं और वे देश को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए अपने गाने से प्रेरित करना चाहती हैं.

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भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह (Bhojpuri Actress Akshara Singh) का गाना ‘हमको सबसे बड़ा होना है’ के लिरिक्‍स मनोज मतलबी ने लिखे हैं. इसे अक्षरा सिंह ने अपनी आवाज दी है, जो लोगों को खूब पसंद आ रहा है. इस गाने में भारत की सामरिक और श्रम की क्षमता को बखूबी पेश किया गया, गाना को मिल रही सफलता को को लेकर अक्षरा ने कहा कि भारत किसी भी मामले में दुनिया में किसी से कम नहीं है. हमारे पास क्‍या नहीं है. श्रम से लेकर संसाधन तक सब कुछ है. बस आत्‍मनिर्भर होने की जरूरत है. इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के अभियान का समर्थन करती हूं.

भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह (Bhojpuri Actress Akshara Singh) ने कहा कि दुनिया पर निर्भर होने का नतीजा हमने देख लिया है. तभी प्रधानमंत्री भी देश को अब अपने पैरों पर खड़ा करना चाहते हैं. यह अच्‍छी पहल है. अगर आज हम आत्‍मनिर्भर हो गए, तो हम चीन जैसे गलत इरादे वाले देशों को पीछे छोड़ पाएंगे. उन्‍होंने कहा कि यह गाना हमें खुद के दम पर मजबूत होने के लिए प्रेरित करता है. 



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विपक्षी सांसदों ने की गलवान घटना पर संसदीय समिति की बैठक बुलाने की मांग, भाजपा सदस्यों ने किया विरोध

विपक्षी सांसदों ने की गलवान घटना पर संसदीय समिति की बैठक बुलाने की मांग, भाजपा सदस्यों ने किया विरोध


समिति के अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा सांसद पी पी चौधरी हैं (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

विपक्षी दलों के कई सांसदों ने रविवार को कहा कि गलवान घाटी में चीन के साथ हुई हिंसक झड़प के मुद्दे पर विदेश मामलों की संसदीय समिति की बैठक जल्द से जल्द बुलाई जानी चाहिए और इसमें विदेश सचिव, रक्षा सचिव तथा अन्य शीर्ष अधिकारी समिति को पूरी घटना से अवगत कराएं. इस बैठक की मांग करने वाले सांसद संबंधित समिति के सदस्य हैं.  हालांकि, समिति में शामिल सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों ने इस मांग को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि जब देश कोरोना वायरस संकट से जूझ रहा है तो ऐसे में बैठक बुलाना संभव नहीं है. समिति के अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा सांसद पी पी चौधरी हैं. 

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पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में 15 जून को चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. घटना के बाद विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने मुद्दे पर चर्चा के लिए विदेश मामलों की स्थायी समिति की बैठक बुलाने की मांग की है. आरएसपी सांसद एवं समिति के सदस्य एन. के. प्रेमचंद्रन ने कहा कि भारत-चीन के बीच गतिरोध के मुद्दे पर बैठक बुलाई जानी चाहिए. प्रेमचंद्रन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘जल्द से जल्द एक बैठक बुलाई जानी चाहिए क्योंकि यह राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा है। हिंसक झड़प पर समिति को जानकारी देने के लिए विदेश सचिव और रक्षा सचिव को बुलाया जाना चाहिए.”पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि सदस्यों को जानकारी देने के लिए उन सभी शीर्ष अधिकारियों को बुलाया जाना चाहिए जो घटना पर प्रकाश डाल सकते हैं. 

उन्होंने कहा, ‘‘विदेश सचिव को गलवान घाटी में भारत तथा चीन के बलों के बीच हिंसक टकराव पर बैठक में जानकारी देनी चाहिए और सदस्यों को सरकार के अन्य शीर्ष अधिकारियों को बुलाने की अनुमति दी जानी चाहिए जो इस पर अधिक प्रकाश डाल सकते हैं.”लेकिन भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि संकट के समय में राजनीतिक नेताओं को पार्टी लाइन से इतर सरकार के साथ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे समय बैठक की मांग करना राजनीति से प्रेरित है. लेखी ने कहा, ‘‘चीनी दीवार से लड़ने के लिए राजनीतिक नेताओं को सरकार के साथ सुरक्षा दीवार की तरह एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए तथा दुष्प्रचार और राजनीति से बचना चाहिए.”

उन्होंने कहा कि बैठक की मांग करने के पीछे अवश्य ही राजनीति है.  उनकी पार्टी की नेता एवं समिति की सदस्य पूनम महाजन ने कहा कि बैठक बुलाना संभव नहीं होगा क्योंकि ऐसा करना कोविड-19 महामारी की वजह से लोकसभा सचिवालय के कर्मचारियों के लिए जोखिम भरा हो सकता है. उन्होंने कहा कि सदस्यों को संसदीय समितियों की बैठकें बुलाने का अधिकार है, लेकिन ये समितियां राष्ट्रीय हित के मुद्दे पर राजनीति करने का मंच नहीं हैं. इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने महासचिवों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक बैठक की संभावना तलाशने को कहा है. 

Video:प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर PMO ने दी सफाई



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राहुल गांधी का हमला,

राहुल गांधी का हमला, ‘PM ने कहा – हमारी जमीन पर किसी ने कब्जा नहीं किया…लेकिन सैटेलाइट इमेज तो…’


राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प के बाद हमलावार कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) पर निशाना साधा है. उन्होंने एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें सैटेलाइट इमेज के हवाले से दावा किया गया है कि चीन ने पेंगॉन्ग झील के पास भारत की जमीन पर कब्जा कर लिया है. राहुल गांधी का ताजा हमला ठीक उसके बाद आया है, जिसमें उन्होंने ‘जापान टाइम्स’ के एक आर्टिकल को शेयर करते हुए लिखा था, ‘नरेंद्र मोदी वास्तव में ‘सरेंडर मोदी’ हैं.’

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आज के ट्वीट में राहुल गांधी ने कहा कि, ‘प्रधानमंत्री ने कहा- ना कोई देश में घुसा, ना ही हमारी ज़मीन पर किसी ने कब्ज़ा किया, लेकिन सैटेलाइट फ़ोटो साफ़ दिखाती हैं कि चीन ने  पेंगॉन्ग झील के पास भारत माता की पावन धरती पर कब्ज़ा कर लिया है.  

मालूम हो कि बीते शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, ‘लद्दाख में भारत की सीमा में न तो कोई घुसा हुआ है और न ही हमारी कोई चौकी किसी दूसरे के कब्जे में है. पीएम मोदी के इस बयान को लेकर विपक्ष हमलावर है. शुक्रवार को हुई सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि उन्होंने LAC (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट नहीं की है, जिसके कारण भारतीय सैनिकों पर क्रूर हमला हुआ.


कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोर्चा संभालते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री ने चीनी आक्रामकता के आगे भारतीय क्षेत्र को चीन को सौंप दिया है.’ कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि अगर यह भूमि चीन की थी तो हमारे सैनिकों की जान कैसे गई? उनकी जान कहां ली गई? 

इसके बाद PMO की ओर से कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारतीय सीमा की ओर चीनी सेना की कोई मौजूदगी न होने वाली टिप्पणियां सशस्त्र बलों की वीरता के बाद के हालात से जुड़ी हैं. जारी बयान में कहा गया है था कि सैनिकों के बलिदानों ने ढांचागत निर्माण और 15 जून को गलवान में अतिक्रमण की चीन की कोशिशों को नाकाम कर दिया.बयान में कहा गया है कि सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने जो कहा है उस पर जानबूझकर गलत धारणा फैलाई जा रही है. 

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बता दें कि पिछले एक हफ्ते के भीतर चीनी सेना 200 से ज्यादा ट्रक और चार पहिया वाहनों और तमाम उपकरणों को LAC के करीब पहुंचा चुकी है. NDTV ने सैटेलाइट की कुछ तस्वीरों के जरिए देखा है कि 9 से 16 जून के बीच चीनी सेना किस तरह से चलहकदमी कर रही है. इलाके में वाहनों की आवाजाही के चीनी सेना द्वारा लगाए गए टेंटों के अलावा दो और बातें हैं जिन पर ध्यान दिया जाना जरूरी है. NDTV ने पहले भी आशंका जताई थी कि चीन गलवान नदी के प्रवाह को रोकने की कोशिश कर रहा है. इन तस्वीरों में भी ऐसा ही कुछ दिखाई दे रहा है, इसके अलावा हिंसक झड़प की संभावित जगह भी नजर आ रही है. LAC के करीब एक स्थल पर काफी मात्रा में मलबा दिखाई दे रहा है.  

VIDEO: प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर PMO ने दी सफाई





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चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प को लेकर सरकार पर हमलावर हुए कमल हासन,

चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प को लेकर सरकार पर हमलावर हुए कमल हासन, ‘PM मोदी से कही यह बात…’


लद्दाख में चीन के साथ हुई झड़प को लेकर कमल हासन (Kamal Haasan ) का मोदी सरकार पर हमला.

नई दिल्ली:

अभिनेता-राजनेता कमल हासन (Kamal Haasan) ने लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुई झड़प में 20 जवानों की जान जाने को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोला. कमल हासन ने पीएम मोदी (PM Modi) को आगाह किया कि वह लोगों के साथ ‘भावनात्मक रूप से खिलवाड़’ करना बंद करें. मालूम हो कि चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प में दर्जनों भारतीय सैनिक घायल भी हुए हैं. कमल हासन ने सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री की टिप्पणियों पर सवाल उठाने वालों की आलोचना के लिए केंद्र की खिंचाई की है. बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, ‘लद्दाख में भारत की सीमा में न तो कोई घुसा हुआ है और न ही हमारी कोई चौकी किसी दूसरे के कब्जे में है.  

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मक्कल निधि मैयम प्रमुख ने कहा, ‘इस तरह के बयान देकर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. मैं प्रधानमंत्री मोदी और उनके समर्थकों से अनुरोध करता हूं कि वे ऐसा करना बंद करें.’ कमल हासन ने कहा कि ‘सवाल पूछना राष्ट्र-विरोधी नहीं है. हम तब तक सवाल पूछना जारी रखेंगे, जब तक कि सच्चाई नहीं बताई जाती है.’ क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी का बयान सेना और विदेश मंत्रालय के स्टेटमेंट से विरोधाभासी है.

 


शुक्रवार को हुई सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि उन्होंने LAC (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट नहीं की है, जिसके कारण भारतीय सैनिकों पर क्रूर हमला हुआ.  कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोर्चा संभालते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री ने चीनी आक्रामकता के आगे भारतीय क्षेत्र को चीन को सौंप दिया है.’ कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि अगर यह भूमि चीन की थी तो हमारे सैनिकों की जान कैसे गई? उनकी जान कहां ली गई?

कमल हासन ने कहा कि कुछ सूचनाओं को गोपनीय रखा जा सकता है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का कर्तव्य था कि इस संवेदनशील समय में सरकार को देश को बेहतर तरीके से सूचित करना चाहिए था.

कमल हास ने यह भी सवाल किया कि पिछले सप्ताह की हिंसा का मतलब यह था कि प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की पिछले साल अक्टूबर में हुई बैठक के बाद सरकार द्वारा दावा की गई राजनयिक सफलता खोखली थी.

‘उन्होंने कहा कि आठ महीने बाद चीन ने हमारे निहत्थे सैनिकों को मारकर हमारे पीठ में छुरा घोंपा. अगर यह सरकार की कूटनीति का नतीजा है, तो या तो उनकी रणनीति बुरी तरह विफल रही या वे चीन के इरादों को सही ढंग से भांपने में विफल रहे.’  

VIDEO: सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने जो कहा उसके क्या हैं मायने?





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