कोरोना महामारी के दौर में भी जीवन के अनमोल पल हासिल कर लिए इन अप्रवासी भारतीयों ने

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कोरोना महामारी के दौर में भी जीवन के अनमोल पल हासिल कर लिए इन अप्रवासी भारतीयों ने


लॉकडाउन में तो अपूर्व सुख भी छिपा था

ब्रिटेन में अब कोरोना वायरस से 2,92,860 लोग संक्रमित हैं. इनमें से एक्टिव केस 2,50,218 हैं     और 1,278 लोग इस बीमारी से उबर चुके हैं. ब्रिटेन में इस महामारी से अब तक 41,364 लोगों की मौत हो चुकी है. लंदन में रह रहे मेडिकल एजुकेशन के छात्र सम्यक कहते हैं कि ”कोविड महामारी दुनिया को गहरी चिंता की स्थिति में ले आई है. यह कठिन चुनौती का समय है. लॉकडाउन से दुनिया की रफ्तार धीमी पड़ गई है लेकिन इसका एक प्रतिपक्ष भी है. मुझे लॉकडाउन में ही पता चला कि इसमें अपूर्व सुख भी छिपा था. मुझे इस दौरान वे अनमोल पल हासिल हुए जो शायद मुझे फिर कभी नहीं मिलेंगे. हमें नहीं पता कि हम अपने परिवारों के साथ कब इतना ज्यादा समय बिता पाएंगे और एक-दूसरे की इतनी देखभाल कर सकेंगे.”    

सम्यक ने कहा कि ”हमारे लिए लॉकडाउन एक अजीब अनुभव रहा है, जिसके बारे में सभी लोग सहमत होंगे क्योंकि इस महामारी ने तो पूरी दुनिया की मनोदशा बदल डाली है. लंदन वास्तव में चिंताजनक स्थिति में है और यूके ने कोरोना वायरस संक्रमण के हालात का सामना कैसे किया है… इसे देखना, अनुभव करना डरा देने वाला है. एक हफ्ते तक रोज 900 मौतें होती रहीं. यह भय के साथ जिंदगी जीने का कटु अनुभव रहा है.”

सम्यक बताते हैं कि ”मैं एमबीबीएस का छात्र हूं लेकिन इस महामारी के दौर में मुझे कोविड 19 के इलाज के लिए मूल्यवान चिकित्सा अनुभव नहीं मिल सका. जबकि मुझे जिस अस्पताल में ट्रेनिंग दी जाती है उसमें देश के प्रधानमंत्री को भर्ती किया गया था.”

वे कहते हैं कि ”ब्रिटेन में बदले हालात में छात्र परीक्षा को लेकर चिंता में हैं. यूनिवर्सिटी के अंतिम वर्ष के कई छात्र इन सवालों को लेकर चिंतित हैं कि ऑनलाइन परीक्षाओं के बाद उनको मिलने वाली डिग्री की वेल्यू कम तो नहीं होगी? और क्या उन्हें फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा?”

सम्यक कहते हैं कि ”समस्या सिर्फ हायर एजुकेशन में ही नहीं है, स्कूली छात्र भी अपने भविष्य को लेकर पशोपेश में हैं. उन्होंने कहा कि मेरे भाई अवि की तरह हाई स्कूल के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले तमाम छात्र चिंतित हैं क्योंकि उनकी परीक्षाएं कैंसिल कर दी गई हैं. यह उनके जीवन की सबसे अहम परीक्षा है जो यह निर्धारित करती है कि वे किस यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले सकेंगे और वे किस तरह के कैरियर के लिए आगे बढ़ सकेंगे. यह परीक्षाएं नहीं होने से उन्हें उनके शिक्षकों के आकलन के मुताबिक ग्रेड मिलेगा. क्या यह अनुमानित ग्रेड वास्तव में उनकी योग्यता का सही आकलन होगा? क्या वे गर्मियों की इन परीक्षाओं में साल भर के प्रदर्शन से भी कहीं अधिक बेहतर रिजल्ट नहीं ला सकते थे?” 

सम्यक ने बताया कि ”लॉकडाउन के दौरान मैं अपने स्टूडेंट एकमोडेशन से अपने घर पर लौट आया. यहां आकर अनुभव हुआ कि वास्तव में लॉकडाउन में अपूर्व सुख भी छिपा था. मुझे इस दौरान वे अनमोल पल हासिल हुए जो शायद मुझे फिर कभी नहीं मिलेंगे. हमें नहीं पता कि हम अपने परिवारों के साथ कब इतना ज्यादा समय बिता पाएंगे और एक-दूसरे की इतनी देखभाल कर सकेंगे.”

सम्यक कहते हैं कि ”हम भाग्यशाली हैं कि इस वैश्विक महामारी के बीच परिवार के साथ स्वास्थ और सुरक्षित हैं. मेरे माता-पिता दोनों घर पर हैं. भले ही मेरे पिता रवि पांडे घर में अपनी डेस्क पर बहुत समय बिता रहे हैं, पर इसके साथ वे हम सभी के साथ क्वालिटी टाइम भी बिता रहे हैं. हम हर दिन टीवी वेब-सीरीज़ देख रहे हैं. नेटफ्लिक्स और अमेजान प्राइम पर करीब सारा हिंदी केंटेंट देख डाला है. मुझे तो अब लगता है कि हम चारों क्रिटिक बन सकते हैं. पहले कभी नहीं सोचा था कि हम कभी अपनी वॉच लिस्ट से टीवी और फिल्मों का आनंद ले सकेंगे.”

उन्होंने कहा कि ”लॉकडाउन के इस दौर में शानदार लंच और डिनर तैयार करने वाली मेरी मां राखी किसी शेफ से कम साबित नहीं हुई हैं. घर के बगीचे में भोजन का आनंद लेने का एक अनुभव भी इन्हीं दिनों में मिल सका है. बात यहीं खत्म नहीं हो जाती लॉकडाउन के दौरान ही अपनी चिंताओं को परे रखकर हमने हनुमान चालीसा पाठ के लिए एक बेहतरीन जूम पार्टी का आयोजन किया.”

गौरतलब है कि लंदन में कोविड-19 से छह हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और करीब 200 लोगों की मौत हो चुकी है.

दुनिया बदल जाएगी, लेकिन फिर भी पहले की तरह दौड़ेगी

अमेरिका पूरी दुनिया में कोरोना महामारी से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. अमेरिका में वायरस संक्रमण के अब तक 20,23,385 मामले आए जिसमें से 13,70,922 एक्टिव केस हैं. यहां 5,38,645 मरीज इस बीमारी से उबर चुके हैं और 1,13,818 लोगों की मौत हो चुकी है. अंकिता शर्मा अमेरिका के वाशिंगटन स्टेट के मिल क्रीक में रहती हैं. महामारी की इस त्रासद स्थिति में उनकी मनोदशा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद उनसे जब बात की तो उन्होंने सबसे पहले यही कहा कि वक्त तो बदलता रहता है, हमेशा सब कुछ अच्छा तो नहीं हो सकता. यह वक्त भी निकल जाएगा और भले ही तब दुनिया में बहुत कुछ बदल जाएगा लेकिन यह तब भी दुनिया दौड़ेगी, अपने पुराने जोश के साथ दौड़ेगी.    

            

अंकिता कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के अब तक बीते दौर के बारे में अपने अनुभव बताते हुए सिहर उठती हैं. वे कहती हैं कि ”हमने अपने काउंटी में कोरोना वायरस के संक्रमण के पहले मामले के बारे में जब सुना तब वह जनवरी का महीना था. हम थोड़े डरे जरूर थे लेकिन यह अंदाजा नहीं था कि हालात बड़ी तेजी से बहुत बुरे हो जाएंगे. मुझे ठीक तरह से याद है वह 29 फरवरी का दिन था जब मैं अपने दोस्तों के साथ थी और तभी पता चला कि कोरोना वायरस से लोगों की मौत होने लगी हैं. इसके बावजूद यहां जीवन तो आम दिनों की तरह ही चल रहा था. मैं और मेरे पति राजेश पहले की तरह ही काम कर रहे थे और हमारा बेटा शुभ स्कूल जा रहा था. आम तौर पर सफाई रखने के जैसे निर्देश हम हमेशा उसे देते हैं, तब भी दे रहे थे.” 

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अंकिता ने कहा कि ”कुछ ही समय गुजरा और अपने साथ त्रासदी की स्थिति लेकर आ गया. पूरे अमेरिका में वाशिंगटन एक ऐसा स्टेट बन गया जिसमें कोविड-19 के सबसे अधिक पॉजिटिव केस थे. मौतों की संख्या हमें भयभीत कर रही थी. मार्च आधा गुजरते-गुजरते स्कूल बंद कर दिए गए और कामकाज वर्क फ्राम होम कर दिया गया. किराने का सामान आसानी से मिलना बंद हो गया. हालांकि वाशिंगटन स्टेट में टोटल शटडाउन नहीं हुआ था. किराने के सामान की दुकानें कभी बंद नहीं हुई थीं. जबकि पॉजिटिव केस स्कूलों, दफ्तरों, हमारी सोसायटी, ग्रासरी शॉप.. हर जगह मिल रहे थे.”

अंकिता कहती हैं कि ”अमेरिका में कोविड का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. जैसे-जैसे समय बीत रहा है हम इस महामारी के वक्त के साथ चलने की कोशिश करते हुए सामान्य होते जा रहे हैं, लेकिन यह तय है कि हम पहले जैसे नहीं रहे.”

बेटी के साथ खेलने का ऐसा आनंद पहले नहीं मिला 

ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस का असर अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन या भारत जैसे देशों से काफी कम हुआ. इस देश में कोविड-19 संक्रमण के 17 हजार से कुछ अधिक केस पाए गए जिसमें से अब 400 से अधिक एक्टिव केस हैं. कोरोना वायरस से यहां 674 लोगों की मौत हो चुकी है. हालात ज्यादा नहीं बिगड़े लेकिन दुनिया के साथ यहां के लोगों की भी चिंताएं तो बढ़ी ही रही हैं. इस विशाल देश में सरकार ने तुरंत प्रभावी कदम उठाकर महामारी फैलने के रास्ते काफी हद तक बंद कर दिए.   

ऑस्ट्रेलिया में हालात धीरे-धीरे सामान्य होते जा रहे हैं. मेलबर्न में रहने वालीं ऋचा दुबे बैंक अधिकारी हैं.  उन्होंने बताया कि ”हम लोगों को लॉकडाउन के कारण घर में बंद हुए 10 हफ्ते से अधिक वक्त बीत गया. इस अरसे में बहुत कुछ बदल गया, मेलबर्न में भी बदलाव आया.” 

ऋचा ने कहा कि ”चूंकि कोरोना वायरस का संक्रमण बुजुर्गों पर ज्यादा असर करता है इसलिए यहां की सरकार ने सुबह सात से आठ बजे तक का समय बुजुर्गों के शॉपिंग करने के लिए तय किया. इस समय वे अपने लिए दूध, सब्जियां वगैरह खरीद लेते हैं. इस अवधि में 60 साल से अधिक उम्र का कोई व्यक्ति बाजार में नहीं जा सकता.” 

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वे कहती हैं कि ”सरकार के बनाए इस तरह के नियमों से बेहतर परिणाम मिले हैं. इससे कोरोना संक्रमितों की संख्या कम हुई. इसी के कारण सरकार ने तीन चरणों में लॉकडाउन खत्म करने का प्लान बनाया. फिलहाल पहला चरण चल रहा है. यह ठीक रहा तो फिर अगले चरणों में क्रमश: लॉकडाउन खत्म किया जाएगा. सरकार की कोशिश है कि जुलाई खत्म होते-होते सब कुछ सामान्य हो जाए.” 

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ऋचा कहती हैं कि ”लॉकडाउन में मेरे परिवार का रुटीन भी बदल गया है. सुबह उठकर व्यायाम फिर भगवान का ध्यान और फिर ऑफिस का काम करते-करते खाना बनाना.” उन्होंने बताया कि ”लॉकडाउन में वर्क फ्राम होम होने के कारण पूरा वक्त परिवार के साथ बीत रहा है. पति अंशुल और मैं अपनी बेटी सिया के साथ भरपूर समय बिता पा रहे हैं. उसे बहुत कुछ ऐसा सिखा रहे हैं जो आम दिनों की व्यस्तताओं में संभव नहीं हो पाता. हम अलग-अलग तरह की डिशें बनाते हैं और उन्हें इनज्वॉय करते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि हम खेल भी पाते हैं.”  ऋचा कहती हैं कि जल्द से जल्द इस महामारी से छुटकारा मिल जाए तो दुनिया अपनी गति को फिर से पा सकेगी.    

सकारात्मक सोच विकसित करने का वक्त

सउदी अरब के अल जुबैल में रह रहीं टीचर रूमा दुबे कहती हैं कि ”मैं और मेरा परिवार पिछले 14 साल से अल जुबैल में है. यहां बड़ी संख्या में भारतीय हैं. हमारा परिवार शहर के इंडिया कम्पाउंड इलाके में रहता है. मैं इंडिया स्कूल में हिन्दी पढ़ाती हूं.” उन्होंने बताया कि ”कुछ अरसे पहले तक सब कुछ ठीक चल रहा था कि अचानक कोरोना वायरस ने सउदी अरब को भी हिला दिया. इसने जैसे अचानक जनजीवन पर ब्रेक लगा दिया और सब कुछ बदल गया. यहां आठ मार्च से स्कूल बंद हो गए. मेरा छोटा बेटा 12वीं में पढ़ता है. उसकी परीक्षाएं रुक गईं और उसके भविष्य पर ग्रहण लग गया. हालांकि सउदी अरब सरकार ने देश के हालात नहीं बिगड़ने दिए और कोरोना की आहट मिलते ही लॉकडाउन कर दिया. चूंकि यहां की आबादी काफी कम है इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर ज्यादा मशक्कत करने की जरूरत भी नहीं थी.” 

रूमा ने कहा कि ”लॉकडाउन से दुनिया थमी हुई है लेकिन इसके कई फायदे भी हुए हैं. मेरा अनुभव बहुत अच्छा है. इस दौरान मैं अपने परिवार को काफी समय दे पा रही हूं. योग और कुकिंग के लिए भी भरपूर समय मिल पा रहा है. हालांकि मेरा स्कूल अब बंद नहीं है. मैं जूम क्लास के जरिए अपने छात्रों को पढ़ा रही हूं. मेरे विद्यार्थी पूछते हैं कि स्कूल कब शुरू होगा. निश्चित ही बच्चे सिर्फ घर में बैठकर नहीं पढ़ सकते, स्कूल में उनकी मौजूदगी उनके पूरे व्यक्तित्व के विकास में सहायक होती है.” 

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वे कहती हैं कि ”कभी-कभी सोचती हूं कि दुनिया कुछ ज्यादा ही तेजी से भागने लगी थी. ईश्वर ने यह वक्त दिया ताकि लोग अपनों के साथ ज्यादा समय बिता सकें और महामारी के बुरे वक्त में सकारात्मक सोच विकसित कर सकें.”

अल जुबैल में डेढ़ सौ से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हुए और इससे मरने वालों में एक भारतीय भी शामिल हैं जो कि केरल के मूल निवासी थे. सउदी अरब में अब तक 1,16,021 केस सामने आए जिसमें से 35,145 एक्टिव केस हैं और 80,019 मरीज ठीक हो चुके हैं. यहां वायरस ने 857 लोगों की जान ले ली है.

किसी भी देश में रहें, जरूरतमंदों की मदद करना जरूरी

मध्य अफ्रीका की छोटी सी काउंटी गेबन के लिब्रेविले शहर में रह रहे जियोलॉजिस्ट परवेज अहमद खान कोविड-19 महामारी के इस भयावह दौर में उज्जैन के अपने परिवार से काफी दूर अकेले हैं. पोर्ट पर कार्यरत परवेज मैगनीज के क्वालिटी कंट्रोल का काम करते हैं इसलिए वर्क फ्राम होम की सुविधा उनके लिए संभव नहीं है. 

परवेज ने बताया कि ”कोविड-19 का गेबन पर काफी असर हुआ. इसका प्रमुख कारण यह था कि यहां पर दैनिक जरूरत के सामान का बहुत कम उत्पादन होता है. अधिकांश सामान विदेशों से आयात होता है. उन्होंने बताया कि मेडिकल सुविधाएं जरूरत से काफी कम हैं. लोगों में भी महामारी को लेकर अधिक जागरूकता नहीं है. जहां सरकार ने ज्यादा बंदिशें नहीं लगाईं वहीं लोग भी जो थोड़े-बहुत प्रतिबंध हैं उनका पालन ठीक से नहीं कर रहे हैं. हालांकि यहां बसे सभी भारतीय इस महामारी को लेकर चिंतित हैं.”     

गेबन में कोरोना वायरस संक्रमण के 3,463 केस अब तक आए जिसमें से 2,416 एक्टिव केस हैं और 1024 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. इस देश में कोविड-19 ने 23 लोगों की जान ले ली है. परवेज ने बताया कि ”गेबन में टोटल लॉकडाउन 14 दिन का हुआ था लेकिन सरकार इतनी सक्षम नहीं है कि पूरी आबादी का पेट भर सके इसलिए खोल दिया. फिलहाल शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन रहता है. बाकी समय लोगों को मास्क पहनकर आवाजाही करने की छूट है. सैनिटाइजेशन करके सार्वजनिक स्थलों पर जाने का नियम है. दुकान, मॉल वगैरह में इसके बिना प्रवेश नहीं दिया जाता.”  

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परवेज बताते हैं कि गेबन में महामारी का सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों ने उठाया. खास तौर पर डेली वेजेस लेबर बहुत परेशान हुए. उन्होंने बताया कि ”शहर में किराना, सब्जियां आसानी से मिल रही हैं.  कोविड-19 ने रहन-सहन बहुत बदल डाला है. अब मास्क लगाए बगैर घर से नहीं निकल सकते. लोगों से दूरी बनाकर रखाना होती है.  कार में दो लोगों से ज्यादा लोग सवार नहीं हो सकते. अब बार-बार हाथ धोने की आदत भी हो गई है. यदि कभी हाथ धोना भूल जाएं तो दिन भर दिमाग में कोरोना का भय बना रहता है. लगता है कि गले में कुछ फंस रहा है. हालांकि धीरे-धीरे इस महामारी के माहौल में जीने की आदत होती जा रही है.”         

परवेज ने बताया कि ”लॉकडाउन के दौरान उन्होंने खाना बनाना और ऑनलाइन गिटार सीखना शुरू किया जिससे फायदा हुआ. अब अलग-अलग डिशें बनाना सीख लिया है और गिटार के तारों से मधुर स्वर, धुनें निकलने लगी हैं.” उन्होंने बताया कि यहां के अत्यधिक गरीब लोगों तक वे अपने साथियों के साथ राशन पहुंचा रहे हैं. वे कहते हैं कि ”हम किसी भी देश में रह रहे हों, जरूरतमंदों को मदद देना तो जरूरी है.”



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कोरोनावायरस : लॉकडाउन पर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के बाद आज देश को संबोधित करेंगे PM नरेंद्र मोदी


नई दिल्ली:

कोरोनावायरस (Coronavirus) संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे. पीएम मोदी का यह संबोधन लॉकडाउन को लेकर सोमवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक के कुछ घंटों बाद होगा. सूत्रों की ओर से सोमवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, देश में 17 मई के बाद भी लॉकडाउन बढ़ाया जा सकता है. मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में लॉकडाउन आगे किस रूप में होगा इसके लिए प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से 15 मई तक सुझाव मांगे हैं. सूत्रों ने कहा कि कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में रात्रि कर्फ्यू और सीमित परिवहन व्यवस्था जैसे प्रतिबंध भी लागू रह सकते हैं. 

बैठक के दौरान, अधिकांश राज्यों ने भी लॉकडाउन (Lockdown) बढ़ाने की मांग की है. इस दौरान राज्यों ने कहा कि रेड ज़ोन को जिला स्तर पर रखने के बजाए कंटेनमेंट ज़ोन में रखा जाए और जिले के बाकी हिस्सों में गतिविधियां शुरू की जाएं. इस दौरान सुझाव दिये गये कि नियमित ट्रेनों के बजाए कम स्टॉप वाली ट्रेनें चलाई जाएं. बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया में पर्यटन चौपट है. पर्यटक भारत की ओर रुख कर सकते हैं, इसलिए कोरोना मुक्त राज्य इस बाबत तैयारी करें, क्योंकि देश में टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं.

बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा कि कंटेनमेंट जोन को छोड़कर पूरी दिल्ली में आर्थिक गतिविधियां खोल दी जानी चाहिए.’





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Coronavirus Updates: भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 67 हजार पार, बीते 24 घंटे में 97 की मौत


Coronavirus: भारत में लॉकडाउन के तीसरे चरण में भी बढ़ रही है COVID-19 के संक्रमितों की संख्या.

Coronavirus India latest Updates: देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद कोरोना से 67 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. वहीं 2206 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 67,152 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 4213 नए मामले सामने आए हैं और 97 लोगों की मौत हुई है. हालांकि, 20917 मरीज इस बीमारी को मात देने में सफल भी हुए हैं. रिकवरी रेट की बात की जाए तो यह फिलहाल 31.14 फीसदी है. 

Coronavirus (Covid-19) in India latest Updates :

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 67,152 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 4213 नए मामले सामने आए हैं और 97 लोगों की मौत हुई है. हालांकि, 20917 मरीज इस बीमारी को मात देने में सफल भी हुए हैं. 

दिल्ली: मंदिर मार्ग थाने का एक सब-इंस्पेक्टर कोरोना पॉजिटिव. थाने का कॉन्स्टबेल भी कोरोनो पॉजिटिव. उस थाने में तैनात 8 पुलिसवालों को क्वारंटाइन किया गया.

भारतीय नौसेना ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के बीच मालदीव में फंसे 202 भारतीयों को लेकर आईएनएस मगर रविवार को माले से केरल के कोच्चि के लिए रवाना हो गया.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को कहा कि रियाद से 139 और उज्बेकिस्तान से 21 भारतीय दिल्ली पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान से आया विमान वहां के नागरिकों एवं भारत से दवाओं की सहायता की खेप लेकर ताशकंद जायेगा.

मुंबई पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में रविवार को मॉडल और अभिनेत्री पूनम पांडे के खिलाफ मामला दर्ज किया है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

बिहार में क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए तीन लोगों की मौत. इन तीनों लोगों को अलग-अलग जिलों में क्वारंटाइ सेंटर में रखा गया था. औरंगाबाद, भागलपुर और मधुबनी में स्थित क्वारंटराइन सेंटर की घटनाएं हैं.

देश में मरीजों की संख्या 63 हजार के करीब पहुंच गई है. 2100 से ज्यादा मरीजों की मौत हो चुकी है. बिहार (Bihar Coronavirus Report) की बात करें तो रविवार को वहां 85 नए संक्रमितों का पता चलने से हड़कंप मच गया. राज्य में एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने का यह पहला मामला है.



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Coronavirus Updates: भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 60 हजार के करीब, अब तक 1981 मरीजों की मौत


Coronavirus: भारत में कोरोना के मामले नहीं थम रहे हैं. (फाइल फोटो)

Coronavirus Covid-19 Live Update: देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद कोरोना से करीब 60 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं. वहीं करीब 2000 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 59,662 हो गई है. पिछले 24 घंटों में (शनिवार सुबह तक) कोरोना के 3320 नए मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 95 लोगों की मौत हुई. अब तक 17,847 लोग इससे ठीक भी हो चुके हैं. रिकवरी रेट की बात की जाए तो यह फिलहाल 29.91 फीसदी है. देश में कोरोनावायरस से अब तक 1,981 लोगों की मौत हो चुकी है. बीते 7 दिनों में कोरोना के रिकवरी रेट की बात करें तो 3 मई को यह 26.59 फीसदी था. 4 मई को 27.45, 5 मई को 28.17, 6 मई को 28.71, 7 मई को 28.83, 8 मई को 29.35 और 9 मई को यह 29.91 फीसदी रहा.

Coronavirus India Live Updates in HIndi:



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Coronavirus Updates: देश में कोरोना वायरस से 56 हजार से अधिक लोग पीड़ित, 1800 से अधिक की मौत


Coronavirus: भारत में लॉकडाउन के तीसरे चरण में भी बढ़ रही है COVID-19 के संक्रमितों की संख्या.

नई दिल्ली:

Coronavirus Covid-19 Live Update: देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद कोरोना से 56 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. वहीं 1800 से ज्यादा लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 56342 हो गई है. कोरोना के 3390 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 103 की मौत हुई. अब तक कुल 16540 लोग इससे ठीक भी हो चुके हैं. हालांकि रिकवरी रेट की बात की जाए तो फिलहाल 29.35% रिकवरी रेट है. देश में कोरोना वायरस से अबतक 1886 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 16 हजार से ज्यादा लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं. इस बीच कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में इसके संक्रमितों का आकंड़ा 19 हजार के पार पहुंच गया है. शुक्रवार को महाराष्ट्र में कोरोना के 1089 नए मामले सामने आए. महाराष्ट्र में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 19063 पहुंच गया है. वहीं, मुंबई में कोरोना के 12142 संक्रमित हैं.

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Coronavirus Live Update:झारखंड में लगातार दूसरे दिन कोई भी कोरोना वायरस संक्रमित नहीं मिला


Coronavirus Live updates: कोरोना के खिलाफ जारी है जंग

Coronavirus Live Update: भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर बढ़ता ही जा रहा है. देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद संक्रमितों का आंकड़ा 43 हजार के करीब पहुंच गया है. सोमवार शाम को स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 42836 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2573 नए मामले सामने आए हैं और इस दौरान 83 लोगों की मौत हुई है. वहीं, देश में कोरोना से अब तक 1389 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि राहत की बात यह है कि 11762 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं. बता दें कि देश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए लॉकडाउन को 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है. 

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तेलंगाना सरकार ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी कामगारों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए एक सप्ताह तक हर दिन 40 विशेष रेलगाड़ियां चलाने का निर्णय लिया है जो मंगलवार से चलेंगी. 

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झारखंड में सोमवार को लगातार दूसरे दिन कोई भी कोरोना वायरस संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया जबकि संक्रमित लोगों में से दो लोग स्वस्थ घोषित किये गये। राज्य में अब कुल संक्रमितों की संख्या 115 ही बनी हुई है जबकि विभिन्न अस्पतालों में 85 लोगों का इलाज चल रहा है. 

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पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहले दिन बिकी 4 करोड़ 73 लाख रुपये की शराब


वाराणसी में शराब की दुकानों के बाहर लाइन में खड़े लोग

वाराणसी:

बनारस कोरोना के रेड जोन में है. बीते चालीस दिनों से यहां सम्पूर्ण लॉकडाउन है, लिहाजा कोई भी दूकान नहीं खुल रही थी लेकिन लॉकडाउन के तीसरे दौर का पहला दिन कई छूटों को लेकर आया. इन छूटों में एक शराब की दुकान के खुलने की भी छूट थी. लगता है  इस छूट ने सबसे ज़्यादा लोगों  के चेहरे पर मुस्कान लाई. ये बात यूं नहीं है. ये इसलिए है क्योंकि सुबह होते ही जीवन की जरूरी चीजों की दुकान पर नहीं बल्कि शराब की देशी से लेकर अंग्रेजी तक की दुकान में लंबी-लंबी लाइन लग गई. आलम ये रहा कि  दुकान खोलने के ढाई से तीन घंटे में ही ब्रांडेड माल की शॉर्टेज हो गई. अधिकांश लोग अपनी मनचाहे ब्रांड के लिए इधर-उधर भटकते दिखाई पड़े. कुछ जगहों पर तो दुकान का पूरा माल ही बिक गया. चंद घंटों के अंदर ही शहर की अधिकांश दुकानें आउट ऑफ स्टॉक हो गईं. दोपहर होते-होते दुकानदारों को शटर गिराना पड़ा. 

शाम को जब इसकी बिक्री की आधिकारिक सूचना आई तो 4 करोड़ 73 लाख 84 हज़ार 330 रुपये की शराब बिक गई थी. इसमें देशी शराब 60 लाख 25 हज़ार 500 की, अंग्रेजी शराब 3 करोड़ 89 लाख 85 हज़ार 800 रुपये की और बीयर 23 लाख 73 हज़ार 30 रुपये की बिकी. ये शराब लगभग 88 हज़ार लोगों के जरिये खरीदी गई.  गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 75 जिले हैं एक जिले में शराब की इस बिक्री से पूरे प्रदेश में शराब बिक्री का अनुमान लगाया जा सकता है कि कितने करोड़ की शराब बिकी. वैसे भी उत्तर प्रदेश के शराब बिक्री के अर्थतंत्र को देखा जाए तो कुछ तथ्य सामने आते हैं.   

उत्तर प्रदेश में राजस्व का एक बड़ा स्त्रोत शराब बिक्री को माना जाता है. राज्य का 20 फीसदी राजस्व शराब बिक्री से ही आता है. जानकारी के अनुसार शराब बिक्री से यूपी सरकार को हर साल करीब 20000 करोड़ रुपये का मुनाफ़ा होता है. सरकारी आंकड़े देखें तो 2018-19 के अप्रैल और मई महीने में सरकार को 4,558 करोड़ रुपये का राजस्व शराब बिक्री से मिला था. पिछले साल-अप्रैल में 2,372 करोड़ रुपये की शराब बिकी थी. मई में यह घटकर 2,187 करोड़ हो गई. 


 



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पश्चिम बंगाल में कोरोना संकट का जायजा लेने के बाद केंद्रीय दल ममता सरकार पर ‘विरोधी रवैया’ अपनाने का लगाया आरोप


West Bengal: जांच दल ने TMC सरकार पर पैनल के प्रति ‘विरोधी’ रूख अपनाने का आरोप लगाया

नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल में कोरोना संकट के हालातों का जायजा और तैयारियों की समीक्षा करने के बाद केंद्रीय जांच दल ने ममता सरकार पर आरोप लगाया है. केंद्रीय जांच दल ने ममता सरकार पर विरोधी रवैये अपनाने और कोऑपरेट नहीं करने के आरोप लगाए हैं. बता दें कि इसी टीम ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी दौरा कर वहां के हालातों का जायजा लिया था. राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को केंद्रीय दल की तरफ से लिखे गए पत्र में कहा गया है. जांच दल द्वारा स्थानीय प्रशासन से फील्ड विजिट और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बातचीत का बार-बार अनुरोध किया गया. बावजूद इसके विभाग की तरफ से सिर्फ स्वास्थय सचिव ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बातचीत की.  वहीं केंद्रीय टीम के इस आरोप के बाद मुख्य सचिव राजीव सिन्हा का कहना है कि वह पूरे दिन व्यस्त थे और IMCT की चिट्ठी का उचित तरीके से जवाब देंगे. 

गौर हो कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को पत्र लिख, केंद्रीय जांच दल भेजे जाने पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने शिकायत की थी कि जिस टीम को उनके राज्य में भेजा जा रहा है उसकी जानकारी आखिरी समय पर दी गई. साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि केंद्रीय जांच दल को पश्चिम बंगाल की क्यों भेजा जा रहा है. वहीं टीएमसी के नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि जब कुछ राज्य कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने में व्यस्त हैं तो उन्हें केंद्र द्वारा निशाना बनाया जा रहा है. 

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए राज्य के दौरे पर आए IMCT ने सोमवार को कहा कि राज्य में कोविड-19 मृत्युदर 12.8 प्रतिशत देश में सर्वाधिक है और यह जांच में कमी और कमजोर निगरानी को दर्शाता है. अपनी दो दिवसीय यात्रा के समापन से पूर्व इस दल ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर पैनल के प्रति ‘विरोधी’ रूख अपनाने का आरोप लगाया. 

रवाना होने से पहले आईएएस अधिकारी ने कहा कि वैसे तो राज्य सरकार ने निषिद्ध क्षेत्रों ‘बिल्कुल उच्च स्तरीय’ रोजाना निगरानी करने का दावा करती है लेकिन उसने टीम को कोई आंकड़ा या नतीजे उपलब्ध नहीं कराये. चंद्रा ने राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को लिखी अपनी चिट्ठी में कहा ‘‘ इतने बड़े डाटाबेस का मिलान और मूल्यांकन के लिए एक ठोस व्यवस्था की जरूरत है. लेकिन ऐसा कोई सबूत उपलब्ध नहीं है.”



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