दिल्ली सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए जारी किया ‘रिवाइज़्ड कोविड रिस्पॉन्स प्लान’

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दिल्ली सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए जारी किया ‘रिवाइज़्ड कोविड रिस्पॉन्स प्लान’


दिल्ली सरकार ने बनाया ‘रिवाइज़्ड कोविड रिस्पॉन्स प्लान’

नई दिल्ली:

दिल्ली में कोरोना का कहर जारी है. सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में कोरोना के 2033 नए मामले दर्ज किए गए और इस दौरान 48 मरीजों की जान चली गई. इधर सरकार ने कोरोना के सर्विलांस और रिस्पॉन्स को और मज़बूत करने के लिये बुधवार को संशोधित ‘रिवाइज़्ड कोविड  रिस्पॉन्स प्लान’ (Revised Covid Response Plan) जारी किया है. रिवाइज़्ड प्लान में स्पेशल सर्विलांस ग्रुप के तहत ड्राइवर, प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, डोमेस्टिक हेल्पर, मैकेनिक, ज़रूरी सामान की डिलीवरी वाले लोगों की स्क्रीनिंग और सर्विलांस से जुड़े निर्देश दिये गए हैं. इसके साथ ही आइसोलेटेड मामले वाले इलाकों और हाई रिस्क ग्रुप के सर्विलांस के आदेश जारी किये गये हैं.

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दिल्ली रिवाइज़्ड कोविड रिस्पांस प्लान के मुताबिक अलग-अलग श्रेणी के लिये एसओपी जारी की गई हैं-

A – आइसोलेटेड मामले वाले इलाके-

डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस यूनिट (DSU) ऐसे सभी इलाकों की विस्तृत जानकारी इकठ्ठा करेगी जहां आइसोलेटेड मामले सामने आ रहे हैं. इसके लिये डेली क्लस्टर रिपोर्ट, लाइन लिस्ट और ज्योग्राफिकल मैपिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है. प्रभावित इलाकों में सख्त सर्विलांस के लिये इन घटकों का इस्तेमाल किया जा सकता है.

  • ज़्यादा और प्रभावी कांटेक्ट ट्रेसिंग, जिसे 72 घन्टे में पूरा किया जाए
  • एक्सेस कोरोना ऐप के ज़रिए SARI/ILI केस का हाउस टू हाउस सर्वे होगा.
  • चिन्हित इलाकों में हाई रिस्क ग्रुप (HRGs) और स्पेशल सर्विलांस ग्रुप (SSGs) के तहत आने वाले लोगों की लिस्टिंग की जाएगी.
  • पिछले 15 दिनों में पॉजिटिव मामलों के सम्पर्क में आने वाले सभी प्राइमरी कॉन्टैक्ट का सख़्त क्वारंटाइन

B हाई रिस्क ग्रुप (HRGs)- 60 साल से अधिक आयुवर्ग और गंभीर बीमारियों (co-morbidites) से ग्रसित लोग

  • एचआरजी लिस्टिंग के तहत आने वाले लोग और उनके सीधे संपर्क वाले लोगों की स्क्रीनिंग और मेडिकल रिकॉर्ड मेंटेन  किये जाएंगे.
  • एचआरजी के डायरेक्ट कांटेक्ट अगर कोरोना पॉजिटिव पाये जाते हैं तो फौरन उनके आइसोलेशन की व्यवस्था की जायेगी हालांकि एचआरजी को हेल्थ इंस्टीट्यूशन ना विजिट करने की सलाह दी जाती है. लेकिन अगर वो दिल्ली सरकार की किसी डिस्पेंसरी, हॉस्पिटल, मैटरनिटी सेंटर या अन्य हेल्थ फेसिलिटी को विज़िट करते हैं तो ICMR गाइडलाइंस के तहत उनका टेस्ट कराना होगा और कोविड सर्विलांस प्रोटोकॉल फॉलो करना होगा.

C स्पेशल सर्विलांस ग्रुप SSGs

स्पेशल सर्विलांस ग्रुप में इन लोगों को रखा गया है:

  • रिक्शा, ऑटो, टैक्सी वाले और सामान वाहक लॉरी वालों को रखा गया है.
  • मेड और डेली वर्कर्स जैसे- पलम्बर्स, इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, मैकेनिक आदी.
  • खाना और ज़रूरी सामान जैसे ग्रॉसरी, किराना, पार्सल और पोस्ट सप्लाई करने वाले लोग.
  • जो इसमें शामिल नहीं हैं- दुकानें, हॉस्पिटल, रेस्तरां, जिम, स्विमिंग पूल, मॉल, सामाजिक सभा, रैली, त्योहार.
  • MCD, ट्रांसपोर्ट, पुलिस, RWA, DDA की मदद से सभी स्पेशल सर्विलांस ग्रुप की लिस्टिंग की जाएगी.
  • सभी जिलों में जहां भी संभव हो स्पेशल सर्विलांस ग्रुप की स्क्रीनिंग शुरू करने की कोशिश करनी होगी. जिन जगहों पर स्पेशल सर्विलांस ग्रुप ज़्यादा इकठ्ठा होते हैं ऐसे पॉइंट्स को कवर करना अनिवार्य होगा. अगर कोई भी ILI/ SARI केस पाया जाता है तो उसे स्टैंडर्ड हेल्थ प्रोटोकॉल के अनुसार डील किया जाएगा.
  • अगर स्पेशल सर्विलांस ग्रुप में कोई पॉजिटिव केस पाया जाता है तो कोविड प्रोटोकॉल के तहत उसकी देखभाल की जाएगी. उसके घर और काम की जगह को फौरन डिसइंफेक्ट और सैनिटाइज कराया जाएगा और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस की प्रक्रिया की जाएगी. सीधे संर्पक में आने वाले और प्राइमरी कॉन्टेक्ट को ट्रेस करके 15 दिन के सख्त क्वारन्टीन में रहना होगा.
  • स्पेशल सर्विलांस ग्रुप के इकठ्ठा होने की जगह को चिन्हित करके वहां व्यापक स्तर पर रेगुलर डिसइंफेक्शन का काम कराना होगा.
  • दिल्ली सरकार की किसी डिस्पेंसरी, हॉस्पिटल, मैटरनिटी सेंटर या अन्य हेल्थ फेसिलिटी को विज़िट करने वाले स्पेशल सर्विलांस ग्रुप को ICMR गाइडलाइंस के तहत टेस्ट कराना होगा और कोविड सर्विलांस प्रोटोकॉल फॉलो करना होगा.
  • जिन स्पेशल सर्विलांस ग्रुप के पास निजी या कॉमर्शियल वाहन है उन्हें अपने वाहनों और काम करने के औजारों को रेगुलर डिसइंफेक्ट और सैनिटाइज कराने के लिए प्रोत्साहित करना होगा.



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Coronavirus India News Updates: देश में कोरोना का कहर, महाराष्ट्र में 278 और पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हुए


प्रतीकात्मक तस्वीर

Coronavirus Updates: देश में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना वायरस से करीब 7 लाख 42 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं वहीं, अब तक  20 हजार 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़कर 1,04,864 तक पहुंच गया है. महाराष्ट्र में पुलिसकर्मियों पर भी कोविड का कहर देखने को मिल रहा है. राज्य में 278 पुलिसकर्मियों में कोविड-19 की पुष्टि होने से पुलिस बल में संक्रमित कर्मियों की संख्या 5,713 हो गई है.

India Coronavirus (Covid-19) Updates in Hindi :-

दिल्ली सरकार अपनी संशोधित ”कोविड प्रतिक्रिया योजना” के तहत अब दिहाड़ी मजदूरों, घरेलू सहायकों, ऑटो चालकों और सब्जी विक्रेताओं का ब्योरा रखने के साथ ही उनकी जांच शुरू करेगी. एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई है.



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प्लाज़्मा लेने वाले ज़्यादा, देने वाले कम: अब दिल्ली प्लाज़्मा बैंक ने बनाई ये नई व्यवस्था


दिल्ली प्लाज़्मा बैंक में अब नई व्यवस्था

नई दिल्ली:

दिल्ली में देश के पहले प्लाज्मा बैंक को खुले एक हफ्ता हो चुका है. गुरुवार 2 जुलाई को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दक्षिण दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल में दिल्ली प्लाज्मा बैंक का उद्घाटन किया था. लेकिन इस 1 हफ्ते के दौरान प्लाज्मा बैंक में प्लाज्मा लेने वालों की संख्या ज्यादा रही जबकि प्लाज्मा देने वालों की कम. ऐसे में प्लाज्मा बैंक में प्लाज़्मा के स्टॉक का संकट ना हो इसके लिए प्लाज्मा बैंक को चलाने वाले अस्पताल इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीवर एंड बिलिअरी साइंसेज ने नई व्यवस्था बनाई है.

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नई व्यवस्था के तहत अब जिस भी अस्पताल को अपने कोरोना मरीज़ के लिए प्लाज्मा चाहिए होगा उसको अपने अधिकृत व्यक्ति या मरीज़ के परिवार वालों के हाथों जरूरी दस्तावेजों के साथ प्लाज्मा डोनर भी भेजना होगा. प्लाज्मा डोनर किसी भी ब्लड ग्रुप का हो सकता है. लेकिन प्लाज्मा ढूंढो भेजने की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल की होगी. जब प्लाज्मा डोनर प्लाज्मा बैंक में अपना प्लाज्मा डोनेट कर देगा उसके बाद अस्पताल द्वारा अधिकृत व्यक्ति या मरीज के परिवार वालों को वह प्लाज्मा दिया जाएगा जिसकी उसको दरकार है.


इस बारे में ILBS अस्पताल के निदेशक डॉ एसके सरीन ने एनडीटीवी को बताया कि ‘ प्लाज्मा लेने वाले अस्पतालों के लिए अब रिप्लेसमेंट डोनर देना जरूरी है. जो अस्पताल प्लाज्मा बैंक से प्लाज्मा लेने के लिए किसी को भेजेगा उसको साथ मे प्लाज़्मा डोनर भी भेजना होगा. उसी अस्पताल की जिम्मेदारी होगी कि वह डोनर को भेजें जिससे प्लाज़्मा बैंक में प्लाज्मा स्टॉक जमा हो सके’.

NDTV से बातचीत में डॉ सरीन ने इस बात पर चिंता जाहिर की कि लोग बड़ी संख्या में प्लाज्मा डोनेट करने नहीं पहुंच रहे हैं. डॉ सरीन ने कहा ‘ 1962 में जब चीन से लड़ाई हुई तब नेहरू जी ने कहा कि लोग खून दें और नेहरू जी के इस आवाहन के बाद खून देने वालों की लाइनें लग गई लेकिन आज वह लोग कहां हैं? हज़ारों लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं लेकिन लोग अपने मन से प्लाज्मा डोनेट करने कहां आ रहे हैं? मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हाथ जोड़कर अपील कर रहे हैं. लोगों को समझना होगा कि प्लाज्मा डोनेट करना भी देशभक्ति का परिचायक है’.

ILBS अस्पताल में ब्लड ट्रांसफ्यूजन डिपार्टमेंट की प्रमुख  डॉ मीनू वाजपेई ने एनडीटीवी को बताया कि ‘अभी तक प्लाज्मा बैंक से 100 से ज्यादाा मरीजों के लिए प्लाज्मा जारी किया जा चुका है जबकि लगभग इतनेे ही  प्लाज्मा डोनर अभी तक प्लाज्मा बैंक में प्लाज्मा डोनेट करने पहुंचे हैं’.

डॉ मीनू वाजपेयी ने बताया कि प्लाज्मा बैंक में प्लाज्मा का स्टॉक मेंटेन करने के लिए हम एक तरफ वॉलिंटियर प्लाज्मा डोनर को फोन करके उनसे प्लाज्मा डोनेट करने को कहते हैं तो दूसरी तरफ हॉस्पिटल से रिप्लेसमेंट डोनर के लिए कहा गया है. रिप्लेसमेंट डोनर असल में उस अस्पताल के डिस्चार्ज हो चुके मरीज होते हैं जिनको अस्पताल प्लाज्मा डोनेट करने के बारे में समझा कर प्लाज्मा डोनेट करने के लिए भेजता है. हमारे यहां रोजाना लगभग आधे प्लाज्मा डोनर स्वैच्छिक रूप से आते हैं जबकि आधे रिप्लेसमेंट डोनर होते हैं. अस्पतालों के लिए रिप्लेसमेंट डोनर भेजना अनिवार्य किया गया है ताकि स्टॉक मेंटेन किया जा सके’.

VIDEO:प्लाज्मा बैंक: प्लाज्मा डोनर नहीं मिलने से बढ़ती मुश्किलें



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केंद्रीय कैबिनेट ने PF में सरकार की तरफ से योगदान की योजना को अगस्त तक बढ़ाया

केंद्रीय कैबिनेट ने PF में सरकार की तरफ से योगदान की योजना को अगस्त तक बढ़ाया


केंद्रीय कैबिनेट ने कर्मचारियों को दिया राहत (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक सीमित आकार तक की इकाइयों में नियोक्ताओं और कर्मचारियों के हिस्से का भविष्य निधि में भुगतान सरकार की तरफ से किए जाने की योजना तीन महीने यानी अगस्त तक के लिये बढ़ाने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी. कोविड-19 महामारी के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत इस साल मई में इस योजना को अगस्त तक बढ़ाने की घोषणा की थी.मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने योजना अगस्त तक बढ़ाये जाने का मंजूरी दे दी जिसके तहत सरकार कर्मचारियों और नियोक्ताओं का भविष्य निधि में योगदान राशि देगी.”

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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत भविष्य निधि में नियोक्ता और कर्मचारियों का 12-12 प्रतिश यानी कुल 24 प्रतिशत योगदान सरकार कर रही है.सरकार ने कोविड-19 संकट और उसकी रोकथाम के लिये लगाये गये ‘लॉकडाउन’ से छोटे प्रतिष्ठानों और उसमें काम करने वाले कर्मचारियों को राहत देने के लिये यह कदम उठाया है. यह योजना उन प्रतिष्ठानों के लिये है जहां कर्मचारियों की संख्या 100 तक है तथा उनमें से 90 प्रतिशत का मासिक वेतन 15,000 रुपये से कम है. इससे पहले, यह लाभ मार्च, अप्रैल और मई, 2020 के वेतन में दिया गया था. अब यह लाभ जून, जुलाई और अगस्त, 2020 के वेतन में मिलेगा.


एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आज (बुधवार) को हुई बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि में कर्मचारियों का 12 प्रतिशत और नियोक्ताओं को 12 प्रतिश्त योगदान तीन महीने जून से अगस्त तक और देने का फैसला किया गया है…..”बयान के अनुसार यह मंजूरी मार्च से मई, 2020 तक के लिये पूर्व में दी गयी अनुमति के अलावा है. इस पर कुल 4,860 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है. इससे 3.67 लाख नियोक्ताओं और 72 लाख से अधिक कर्मचारियों को राहत मिलेगी.


जावड़ेकर ने कहा कि निर्णय कर्मचारियों और नियोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर किया गया. इससे एक तरफ जहां कर्मचारियों के पास वेतन के रूप में ज्यादा पैसा आएगा वहीं नियोक्ताओं को भविष्य निधि बकाया के भुगतान में राहत मिलेगी.लाभ तीन महीने के लिये और बढ़ाये जाने से 3.67 लाख प्रतिष्ठानों को नकदी के मोर्चे पर राहत मिलेगी.बयान में कहा गया है कि सरकार 2020-21 के में इसके लिये 4,800 करोड़ रुपये का बजटीय समर्थन उपलब्ध कराएगी. प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत जून से अगस्त, 2020 के दौरान नियोक्ताओं के 12 प्रतिशत योगदान के लाभ लेने वालों को इससे अलग रखा जाएगा.

 

VIDEO:प्राइम टाइम : नियम में बदलाव क्या भविष्य निधि में सेंध?



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कोरोना संक्रमित होने के संदेह में चलती बस से फेंकी गई लड़की की मौत, यूपी पुलिस को नोटिस


दिल्ली महिला आयोग ने मथुरा में एक लड़की को बस से फेंकने के मामले में यूपी पुलिस को नोटिस जारी किया है (प्रतीकात्मक फोटो).

खास बातें

  • दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस से 15 जुलाई तक जवाब देने के लिए कहा
  • कहा- आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है तो इसका कारण बताएं
  • लड़की के साथ उसके परिवार के लोग भी सफर कर रहे थे

नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश में बस में सफर कर रही दिल्ली की एक 19 साल की लड़की को कोरोना संक्रमित होने के संदेह के चलते कंडक्टर ने चलती बस से नीचे फेंक दिया. इससे लड़की की मौत हो गई. दिल्ली महिला आयोग ने इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस को नोटिस जारी किया है. महिला आयोग ने पुलिस से 15 जुलाई तक जवाब देने के लिए कहा है.

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दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मथुरा के एसएसपी को भेजे गए नोटिस में कहा है कि दिल्ली महिला आयोग को मीडिया रिपोर्टों से दिल्ली के मंडावली की निवासी 19 साल की लड़की की मौत के बारे में पता चला है. पता चला है कि लड़की यूपी के मथुरा में बस से सफर कर रही थी. रिपोर्ट है कि लड़की को रोडवेज की चलती हुई बस से बाहर फेंक दिया गया. उसे बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने इसलिए बस से बाहर फेंका क्योंकि उन्हें संदेह था कि वह कोरोना संक्रमित है. रिपोर्ट है कि लड़की के साथ उसके परिवार के लोग सफर कर रहे थे. लड़की को कथित रूप से मथुरा टोल प्लाजा के पास चलती हुई बस से बाहर फेंक दिया गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. 

दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस से कहा है कि यह बहुत गंभीर मामला है जिस पर पुलिस को तुरंत ध्यान देने की जरूरत है. महिला आयोग ने पुलिस से एफआईआर की कॉपी मांगी है. आयोग ने कहा है कि यदि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है तो इसका कारण बताएं. इस मामले में की गई विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट दें. दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस से यह जानकारी 15 जुलाई तक देने के लिए कहा है.

VIDEO : मां-बेटी को चलती बस से फेंका



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Coronavirus India News Updates: भारत में कोरोना का कहर जारी, 7 लाख से अधिक लोग हो चुके हैं संक्रमित


प्रतीकात्मक तस्वीर

Coronavirus Updates: पिछले 24 घंटों के दौरान भारत में 22,252 नए COVID-19 मामले सामने आए हैं.कोरोनावायरस संक्रमण के कुल 7,19,665 पुष्ट मामलों के साथ रूस को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनियाभर में तीसरे नंबर पर पहुंच चुका है.देशभर में कुल 7,19,665 पॉज़िटिव मामलों में से 2,79,717 सक्रिय मामले हैं.  भारत में कोरोनावायरस से संक्रमित मामले 7 लाख तक कुल 159 दिनों में पहुंचा है. राहत की बात यह है कि एशिया के सबसे बड़े स्लम मुंबई के धारावी को कुछ हफ़्ते पहले तक मुंबई का वुहान कहा जा रहा था. धारावी में मंगलवार को COVID-19 का सिर्फ एक मामला सामने आया.

India Coronavirus (Covid-19) Updates in Hindi :-



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Coronavirus Update: झारखंड में दो और लोगों की मौत, 164 नये मामले आए सामने


प्रतीकात्मक तस्वीर

रांची:

झारखंड में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण दो और व्यक्तियों की मौत हो गयी और संक्रमण के 164 नये मामले सामने आये. राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3,018 हो गयी है. स्वास्थ्य विभाग की मंगलवार रात्रि जारी रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में पिछले 24 घंटे में दो लोगों की धनबाद में कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हो गयी, जिसे मिलाकर राज्य में संक्रमण से मृतकों की कुल संख्या 22 हो गयी है.इनके अलावा राज्य में संक्रमण के पिछले 24 घंटों में 164 नये मामले दर्ज किये गये, जिन्हें मिलाकर अब राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 3,018 हो गयी है.

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अब तक राज्य में 3,018 संक्रमितों में से 2,142 प्रवासी मजदूर हैं, जो देश के विभिन्न भागों से राज्य में अपने घरों को लौटे हैं.

राज्य के 2,104 लोगों अब तक ठीक होकर अपने घरों को लौट चुके हैं. इसके अलावा 892 अन्य संक्रमितों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है, जबकि 22 अन्य की मौत हो चुकी है.

 

VIDEO:रवीश कुमार का प्राइम टाइम: झारखंड में कितना कामयाब रहा है लॉकडाउन?



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दिल्ली: कोरोना मरीजों से डिसचार्ज के समय फीडबैक में प्लाज्मा डोनेशन की जानी जाएगी इच्छा


दिल्ली सरकार ने तय किया है कि कोरोना मरीजों के डिस्चार्ज के समय उनका फीडबैक लिया जाए. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली:

दिल्ली सरकार के कोरोना अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज और बेहतर बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने तय किया है कि कोरोना मरीजों के डिस्चार्ज के समय उनका फीडबैक लिया जाए और उनकी प्लाज़्मा डोनेशन की इच्छा जानी जा दिल्ली सरकार ने इसके लिए एक पेशेंट फीडबैक फॉर्म दिया है.

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इस फॉर्म में मरीजों से पूछा जाएगा

1.आपका अनुभव कैसा रहा?

2. अस्पताल में सफाई कैसी थी?

 3. खाना कैसा था?

4.  डॉक्टर के साथ आपका अनुभव कैसा रहा?

5.  आपका ब्लड ग्रुप क्या है 

6. आपको कोई पुरानी गंभीर बीमारी तो नहीं और सबसे अहम बात

 7. क्या आप प्लाज्मा डोनेट करके किसी की जान बचाना चाहेंगे? 

दिल्ली सरकार के कोरोना अस्पतालों के मेडिकल सुपरीटेंडेंट/ मेडिकल डायरेक्टर/ और डायरेक्टर के अलावा केंद्र सरकार के सभी कोरोना अस्पतालों और सभी प्राइवेट कोरोना अस्पतालों को निर्देश दिया गया है की मरीज के डिस्चार्ज के समय इस तरह से फीडबैक लिया जाए.

माना जा रहा है कि दिल्ली सरकार प्लाज्मा डोनेशन को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग तरह की जो कोशिश कर रही है यह आदेश भी उनमें से एक है.

 

Video: दिल्ली में कोरोना से लड़ने के लिए 1000 बेड का अस्पताल 12 दिन में तैयार



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