Coronavirus LIVE Updates: भारत में हर रोज बढ़ कोरोना के मामले, अब तक 16000 से ज्यादा की मौत

Coronavirus India Updates: देश में कोरोना मरीज 3 लाख पार, महाराष्ट्र में 1 लाख से ज्यादा संक्रमित

Coronavirus LIVE Updates: भारत में हर रोज बढ़ कोरोना के मामले, अब तक 16000 से ज्यादा की मौत


Coronavirus India Updates: भारत में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. (फाइल फोटो)

Coronavirus LIVE Updates: दुनियाभर के 180 से ज्यादा देशों के साथ-साथ भारत में भी कोरोनावायरस (Coronavirus) का खौफ बढ़ता जा रहा है. रविवार को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में (शनिवार सुबह 8 बजे से लेकर रविवार सुबह 8 बजे तक) सबसे ज्यादा 19,906 नए मामले सामने आए हैं. इस दौरान 410 लोगों की मौत हुई. भारत में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 5,28,859 हो गई है. 3,09,713 मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके हैं. रिकवरी रेट 58.56 फीसदी है. पॉजिटिविटी रेट 8.61 प्रतिशत है. देश में कोरोना (COVID-19) से अब तक 16,095 लोगों ने अपनी जान गंवाई है. 27 जून को अभी तक (एक दिन में) के सबसे ज्यादा 2,31,095 सैंपल टेस्ट किए गए. कुल 82,27,802 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं. दुनियाभर में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा पांच लाख पार हो चुका है. इसमें से दो तिहाई मौतें अमेरिका और यूरोप में हुई हैं. रविवार रात तक जारी आंकड़ों के अनुसार, 180 से ज्यादा देशों में फैल चुके COVID-19 से अब तक 500,390 लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिका में 1,25,747, ब्राजील में 57,622 और ब्रिटेन में 43,550 लोग कोरोना से अपनी जान गंवा चुके हैं. दुनियाभर में अब तक कोरोना के 10,099,576 मामले सामने आ चुके हैं.

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Coronavirus Updates: झारखंड में कोरोना के 22 नए मामले

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, रविवार को झारखंड में कोरोना के 22 नए मामले सामने आए. रविवार को 69 मरीज ठीक भी हुए हैं. प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या 2342 है. 606 एक्टिव केस हैं. अभी तक कुल 1724 लोग ठीक हुए हैं. 12 लोगों की मौत हुई है.

Coronavirus Updates: छत्तीसगढ़ में कोरोना के 84 नए मामले

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि रविवार को राज्य में कोरोना के 84 नए मामले सामने आए. प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या 2964 हो गई है. 619 एक्टिव केस हैं. 2062 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं. अब तक 13 लोगों की मौत हुई है.

Coronavirus Updates: असम में कोरोना के 327 नए मामले

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को राज्य में कोरोना के 327 नए मामले सामने आए हैं. इनमें से 195 मामले पिछले 24 घंटों में गुवाहाटी से सामने आए हैं. प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या 7492 हो गई है. 5088 मरीज ठीक हो चुके हैं. 2390 एक्टिव केस हैं और अब तक 11 लोगों की मौत हुई है.



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Coronavirus LIVE Updates: देश में हर रोज बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले, अब तक 15301 मरीजों की मौत


Coronavirus LIVE Updates: कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. (फाइल फोटो)

Coronavirus LIVE Updates: देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) के हर रोज बढ़ते आंकड़े सरकार की चिंता बढ़ा रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में (गुरुवार सुबह 8 बजे से लेकर शुक्रवार सुबह 8 बजे तक) सबसे ज्यादा 17,296 नए मामले सामने आए हैं. इस दौरान 407 लोगों की मौत हुई. भारत में संक्रमितों की कुल संख्या 4,90,401 हो गई है. 2,85,637 मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके हैं. रिकवरी रेट 58.24 फीसदी है. पॉजिटिविटी रेट 8.02 प्रतिशत है. देश में कोरोना (COVID-19) से अब तक 15,301 लोगों ने अपनी जान गंवाई है. अभी तक कुल 77,76,228 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं. कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र के बाद दिल्ली में भी तेजी से कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं. दिल्ली में संक्रमितों की संख्या 77,000 पार हो गई है. शुक्रवार शाम जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दिल्ली में 3,460 नए मरीज सामने आए हैं, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 77,240 हो गई है. वहीं पिछले 24 घंटों में 2326 मरीज ठीक हुए हैं, जिनको मिलाकर अब तक कुल 47,091 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं. पिछले 24 घंटों में यहां 63 लोगों की मौत हुई है. दिल्ली में मृतकों की संख्या बढ़कर 2,492 हो गई है. फिलहाल दिल्ली में कुल 27,657 एक्टिव मामले हैं. बीते 24 घंटों में दिल्ली में 21,144 टेस्ट किए गए, जो एक दिन में अब तक सबसे ज्यादा हैं. राजधानी में अब तक कुल 4,59,156 टेस्ट किए जा चुके हैं.

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Coronavirus Updates: प्रयागराज में एक दिन में कोरोना से 23 व्यक्ति संक्रमित

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, प्रयागराज में शुक्रवार को कोरोनावायरस से 23 व्यक्ति संक्रमित पाए गए, जिससे यहां संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या 252 हो गई. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जीएस बाजपेयी ने बताया कि प्रयागराज जिले में शुक्रवार को 23 व्यक्ति कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं. सभी का इलाज किया जा रहा है.

Coronavirus India: स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बनाया खास चश्मा

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसाईआर-सीएसआईओ) ने कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित चश्मा बनाने की एक तकनीक विकसित की है. इस रक्षात्मक चश्मे से आंखों और उसके आसपास की त्वचा को पूरी तरह से सुरक्षा मिलेगी.



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दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की मंगलवार को होने वाली अहम बैठक रद्द

दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की मंगलवार को होने वाली अहम बैठक रद्द


बैठक में अथॉरिटी के अध्यक्ष उपराज्यपाल अनिल बैजल, उपाध्यक्ष मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य मंत्री और आला अधिकारियों को मौजूद रहना था. (file pic)

मुंबई:

दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) की मंगलवार सुबह 11 बजे होने वाली बेहद अहम बैठक रद्द कर दी गई है. इस समय दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी दिल्ली के अंदर फैसला लेने वाली सबसे बड़ी अथॉरिटी है. 13 जून को तय हुआ था कि 16 जून सुबह 11:00 बजे DDMA की बैठक होगी. बैठक में अथॉरिटी के अध्यक्ष उपराज्यपाल अनिल बैजल, उपाध्यक्ष मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य मंत्री और आला अधिकारियों को मौजूद रहना था. अटकलें लग रही हैं कि जिस तरह से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की कमान अपने हाथ में ले ली है, उसके बाद DDMA की बैठक का कोई ख़ास मतलब नहीं रह गया था. इसलिए बैठक रद्द कर दी गई.

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क्या था बैठक का एजेंडा…

1. मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी और भविष्य के लिए समयबद्ध प्लान

2. मुंबई के वर्ली में जिस तरह का मेकशिफ्ट अस्पताल बनाया गया है उसी तरह के मेक शिफ़्ट अस्पताल दिल्ली में बनाने को लेकर चर्चा जिसमें ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटीलेटर, आईसीयू और मेडिकल स्टाफ़ पर चर्चा

3. खाली पड़े फ्लैट्स को मेक शिफ्ट कोरोना अस्पताल बनाने की संभावना तलाशना

4. RWA को ट्रेनिंग, ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन सिलेंडर देकर सशक्त बनाना. इसके आगे कम्युनिटी सेंटर में बेड लगाकर और सिविल डिफेंस स्टाफ तैनात करके मजबूती देना (इस पर ग्रेटर कैलाश पार्ट 1 की आरडब्ल्यूए का प्रेजेंटेशन)

5. अस्थाई श्मशान बनाना और मेकशिफ्ट मुर्दाघर अस्पताल कैंपस में बनाना (कंटेनर में एयर कंडीशनर के साथ चारपाई का इंतजाम)

6. प्राइवेट अस्पताल बहुत ज्यादा पैसा मरीजों से वसूल रहे हैं और एडवांस मांग रहे हैं. प्राइवेट अस्पताल में इलाज का अधिकतम रेट तय करने पर चर्चा.

7. प्राइवेट एंबुलेंस भी बहुत ज्यादा चार्ज कर रही हैं इसलिए उनका भी अधिकतम रेट तय करना

8. प्राइवेट लैब में कोरोना टेस्ट के रेट कम करना जिससे आम जनता इसका खर्च वहन कर सके

अमित शाह ने किया अस्पताल का दौरा, मुख्य सचिव को दिए कई निर्देश



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कोरोना महामारी के दौर में भी जीवन के अनमोल पल हासिल कर लिए इन अप्रवासी भारतीयों ने


लॉकडाउन में तो अपूर्व सुख भी छिपा था

ब्रिटेन में अब कोरोना वायरस से 2,92,860 लोग संक्रमित हैं. इनमें से एक्टिव केस 2,50,218 हैं     और 1,278 लोग इस बीमारी से उबर चुके हैं. ब्रिटेन में इस महामारी से अब तक 41,364 लोगों की मौत हो चुकी है. लंदन में रह रहे मेडिकल एजुकेशन के छात्र सम्यक कहते हैं कि ”कोविड महामारी दुनिया को गहरी चिंता की स्थिति में ले आई है. यह कठिन चुनौती का समय है. लॉकडाउन से दुनिया की रफ्तार धीमी पड़ गई है लेकिन इसका एक प्रतिपक्ष भी है. मुझे लॉकडाउन में ही पता चला कि इसमें अपूर्व सुख भी छिपा था. मुझे इस दौरान वे अनमोल पल हासिल हुए जो शायद मुझे फिर कभी नहीं मिलेंगे. हमें नहीं पता कि हम अपने परिवारों के साथ कब इतना ज्यादा समय बिता पाएंगे और एक-दूसरे की इतनी देखभाल कर सकेंगे.”    

सम्यक ने कहा कि ”हमारे लिए लॉकडाउन एक अजीब अनुभव रहा है, जिसके बारे में सभी लोग सहमत होंगे क्योंकि इस महामारी ने तो पूरी दुनिया की मनोदशा बदल डाली है. लंदन वास्तव में चिंताजनक स्थिति में है और यूके ने कोरोना वायरस संक्रमण के हालात का सामना कैसे किया है… इसे देखना, अनुभव करना डरा देने वाला है. एक हफ्ते तक रोज 900 मौतें होती रहीं. यह भय के साथ जिंदगी जीने का कटु अनुभव रहा है.”

सम्यक बताते हैं कि ”मैं एमबीबीएस का छात्र हूं लेकिन इस महामारी के दौर में मुझे कोविड 19 के इलाज के लिए मूल्यवान चिकित्सा अनुभव नहीं मिल सका. जबकि मुझे जिस अस्पताल में ट्रेनिंग दी जाती है उसमें देश के प्रधानमंत्री को भर्ती किया गया था.”

वे कहते हैं कि ”ब्रिटेन में बदले हालात में छात्र परीक्षा को लेकर चिंता में हैं. यूनिवर्सिटी के अंतिम वर्ष के कई छात्र इन सवालों को लेकर चिंतित हैं कि ऑनलाइन परीक्षाओं के बाद उनको मिलने वाली डिग्री की वेल्यू कम तो नहीं होगी? और क्या उन्हें फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा?”

सम्यक कहते हैं कि ”समस्या सिर्फ हायर एजुकेशन में ही नहीं है, स्कूली छात्र भी अपने भविष्य को लेकर पशोपेश में हैं. उन्होंने कहा कि मेरे भाई अवि की तरह हाई स्कूल के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले तमाम छात्र चिंतित हैं क्योंकि उनकी परीक्षाएं कैंसिल कर दी गई हैं. यह उनके जीवन की सबसे अहम परीक्षा है जो यह निर्धारित करती है कि वे किस यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले सकेंगे और वे किस तरह के कैरियर के लिए आगे बढ़ सकेंगे. यह परीक्षाएं नहीं होने से उन्हें उनके शिक्षकों के आकलन के मुताबिक ग्रेड मिलेगा. क्या यह अनुमानित ग्रेड वास्तव में उनकी योग्यता का सही आकलन होगा? क्या वे गर्मियों की इन परीक्षाओं में साल भर के प्रदर्शन से भी कहीं अधिक बेहतर रिजल्ट नहीं ला सकते थे?” 

सम्यक ने बताया कि ”लॉकडाउन के दौरान मैं अपने स्टूडेंट एकमोडेशन से अपने घर पर लौट आया. यहां आकर अनुभव हुआ कि वास्तव में लॉकडाउन में अपूर्व सुख भी छिपा था. मुझे इस दौरान वे अनमोल पल हासिल हुए जो शायद मुझे फिर कभी नहीं मिलेंगे. हमें नहीं पता कि हम अपने परिवारों के साथ कब इतना ज्यादा समय बिता पाएंगे और एक-दूसरे की इतनी देखभाल कर सकेंगे.”

सम्यक कहते हैं कि ”हम भाग्यशाली हैं कि इस वैश्विक महामारी के बीच परिवार के साथ स्वास्थ और सुरक्षित हैं. मेरे माता-पिता दोनों घर पर हैं. भले ही मेरे पिता रवि पांडे घर में अपनी डेस्क पर बहुत समय बिता रहे हैं, पर इसके साथ वे हम सभी के साथ क्वालिटी टाइम भी बिता रहे हैं. हम हर दिन टीवी वेब-सीरीज़ देख रहे हैं. नेटफ्लिक्स और अमेजान प्राइम पर करीब सारा हिंदी केंटेंट देख डाला है. मुझे तो अब लगता है कि हम चारों क्रिटिक बन सकते हैं. पहले कभी नहीं सोचा था कि हम कभी अपनी वॉच लिस्ट से टीवी और फिल्मों का आनंद ले सकेंगे.”

उन्होंने कहा कि ”लॉकडाउन के इस दौर में शानदार लंच और डिनर तैयार करने वाली मेरी मां राखी किसी शेफ से कम साबित नहीं हुई हैं. घर के बगीचे में भोजन का आनंद लेने का एक अनुभव भी इन्हीं दिनों में मिल सका है. बात यहीं खत्म नहीं हो जाती लॉकडाउन के दौरान ही अपनी चिंताओं को परे रखकर हमने हनुमान चालीसा पाठ के लिए एक बेहतरीन जूम पार्टी का आयोजन किया.”

गौरतलब है कि लंदन में कोविड-19 से छह हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और करीब 200 लोगों की मौत हो चुकी है.

दुनिया बदल जाएगी, लेकिन फिर भी पहले की तरह दौड़ेगी

अमेरिका पूरी दुनिया में कोरोना महामारी से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. अमेरिका में वायरस संक्रमण के अब तक 20,23,385 मामले आए जिसमें से 13,70,922 एक्टिव केस हैं. यहां 5,38,645 मरीज इस बीमारी से उबर चुके हैं और 1,13,818 लोगों की मौत हो चुकी है. अंकिता शर्मा अमेरिका के वाशिंगटन स्टेट के मिल क्रीक में रहती हैं. महामारी की इस त्रासद स्थिति में उनकी मनोदशा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद उनसे जब बात की तो उन्होंने सबसे पहले यही कहा कि वक्त तो बदलता रहता है, हमेशा सब कुछ अच्छा तो नहीं हो सकता. यह वक्त भी निकल जाएगा और भले ही तब दुनिया में बहुत कुछ बदल जाएगा लेकिन यह तब भी दुनिया दौड़ेगी, अपने पुराने जोश के साथ दौड़ेगी.    

            

अंकिता कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के अब तक बीते दौर के बारे में अपने अनुभव बताते हुए सिहर उठती हैं. वे कहती हैं कि ”हमने अपने काउंटी में कोरोना वायरस के संक्रमण के पहले मामले के बारे में जब सुना तब वह जनवरी का महीना था. हम थोड़े डरे जरूर थे लेकिन यह अंदाजा नहीं था कि हालात बड़ी तेजी से बहुत बुरे हो जाएंगे. मुझे ठीक तरह से याद है वह 29 फरवरी का दिन था जब मैं अपने दोस्तों के साथ थी और तभी पता चला कि कोरोना वायरस से लोगों की मौत होने लगी हैं. इसके बावजूद यहां जीवन तो आम दिनों की तरह ही चल रहा था. मैं और मेरे पति राजेश पहले की तरह ही काम कर रहे थे और हमारा बेटा शुभ स्कूल जा रहा था. आम तौर पर सफाई रखने के जैसे निर्देश हम हमेशा उसे देते हैं, तब भी दे रहे थे.” 

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अंकिता ने कहा कि ”कुछ ही समय गुजरा और अपने साथ त्रासदी की स्थिति लेकर आ गया. पूरे अमेरिका में वाशिंगटन एक ऐसा स्टेट बन गया जिसमें कोविड-19 के सबसे अधिक पॉजिटिव केस थे. मौतों की संख्या हमें भयभीत कर रही थी. मार्च आधा गुजरते-गुजरते स्कूल बंद कर दिए गए और कामकाज वर्क फ्राम होम कर दिया गया. किराने का सामान आसानी से मिलना बंद हो गया. हालांकि वाशिंगटन स्टेट में टोटल शटडाउन नहीं हुआ था. किराने के सामान की दुकानें कभी बंद नहीं हुई थीं. जबकि पॉजिटिव केस स्कूलों, दफ्तरों, हमारी सोसायटी, ग्रासरी शॉप.. हर जगह मिल रहे थे.”

अंकिता कहती हैं कि ”अमेरिका में कोविड का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. जैसे-जैसे समय बीत रहा है हम इस महामारी के वक्त के साथ चलने की कोशिश करते हुए सामान्य होते जा रहे हैं, लेकिन यह तय है कि हम पहले जैसे नहीं रहे.”

बेटी के साथ खेलने का ऐसा आनंद पहले नहीं मिला 

ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस का असर अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन या भारत जैसे देशों से काफी कम हुआ. इस देश में कोविड-19 संक्रमण के 17 हजार से कुछ अधिक केस पाए गए जिसमें से अब 400 से अधिक एक्टिव केस हैं. कोरोना वायरस से यहां 674 लोगों की मौत हो चुकी है. हालात ज्यादा नहीं बिगड़े लेकिन दुनिया के साथ यहां के लोगों की भी चिंताएं तो बढ़ी ही रही हैं. इस विशाल देश में सरकार ने तुरंत प्रभावी कदम उठाकर महामारी फैलने के रास्ते काफी हद तक बंद कर दिए.   

ऑस्ट्रेलिया में हालात धीरे-धीरे सामान्य होते जा रहे हैं. मेलबर्न में रहने वालीं ऋचा दुबे बैंक अधिकारी हैं.  उन्होंने बताया कि ”हम लोगों को लॉकडाउन के कारण घर में बंद हुए 10 हफ्ते से अधिक वक्त बीत गया. इस अरसे में बहुत कुछ बदल गया, मेलबर्न में भी बदलाव आया.” 

ऋचा ने कहा कि ”चूंकि कोरोना वायरस का संक्रमण बुजुर्गों पर ज्यादा असर करता है इसलिए यहां की सरकार ने सुबह सात से आठ बजे तक का समय बुजुर्गों के शॉपिंग करने के लिए तय किया. इस समय वे अपने लिए दूध, सब्जियां वगैरह खरीद लेते हैं. इस अवधि में 60 साल से अधिक उम्र का कोई व्यक्ति बाजार में नहीं जा सकता.” 

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वे कहती हैं कि ”सरकार के बनाए इस तरह के नियमों से बेहतर परिणाम मिले हैं. इससे कोरोना संक्रमितों की संख्या कम हुई. इसी के कारण सरकार ने तीन चरणों में लॉकडाउन खत्म करने का प्लान बनाया. फिलहाल पहला चरण चल रहा है. यह ठीक रहा तो फिर अगले चरणों में क्रमश: लॉकडाउन खत्म किया जाएगा. सरकार की कोशिश है कि जुलाई खत्म होते-होते सब कुछ सामान्य हो जाए.” 

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ऋचा कहती हैं कि ”लॉकडाउन में मेरे परिवार का रुटीन भी बदल गया है. सुबह उठकर व्यायाम फिर भगवान का ध्यान और फिर ऑफिस का काम करते-करते खाना बनाना.” उन्होंने बताया कि ”लॉकडाउन में वर्क फ्राम होम होने के कारण पूरा वक्त परिवार के साथ बीत रहा है. पति अंशुल और मैं अपनी बेटी सिया के साथ भरपूर समय बिता पा रहे हैं. उसे बहुत कुछ ऐसा सिखा रहे हैं जो आम दिनों की व्यस्तताओं में संभव नहीं हो पाता. हम अलग-अलग तरह की डिशें बनाते हैं और उन्हें इनज्वॉय करते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि हम खेल भी पाते हैं.”  ऋचा कहती हैं कि जल्द से जल्द इस महामारी से छुटकारा मिल जाए तो दुनिया अपनी गति को फिर से पा सकेगी.    

सकारात्मक सोच विकसित करने का वक्त

सउदी अरब के अल जुबैल में रह रहीं टीचर रूमा दुबे कहती हैं कि ”मैं और मेरा परिवार पिछले 14 साल से अल जुबैल में है. यहां बड़ी संख्या में भारतीय हैं. हमारा परिवार शहर के इंडिया कम्पाउंड इलाके में रहता है. मैं इंडिया स्कूल में हिन्दी पढ़ाती हूं.” उन्होंने बताया कि ”कुछ अरसे पहले तक सब कुछ ठीक चल रहा था कि अचानक कोरोना वायरस ने सउदी अरब को भी हिला दिया. इसने जैसे अचानक जनजीवन पर ब्रेक लगा दिया और सब कुछ बदल गया. यहां आठ मार्च से स्कूल बंद हो गए. मेरा छोटा बेटा 12वीं में पढ़ता है. उसकी परीक्षाएं रुक गईं और उसके भविष्य पर ग्रहण लग गया. हालांकि सउदी अरब सरकार ने देश के हालात नहीं बिगड़ने दिए और कोरोना की आहट मिलते ही लॉकडाउन कर दिया. चूंकि यहां की आबादी काफी कम है इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर ज्यादा मशक्कत करने की जरूरत भी नहीं थी.” 

रूमा ने कहा कि ”लॉकडाउन से दुनिया थमी हुई है लेकिन इसके कई फायदे भी हुए हैं. मेरा अनुभव बहुत अच्छा है. इस दौरान मैं अपने परिवार को काफी समय दे पा रही हूं. योग और कुकिंग के लिए भी भरपूर समय मिल पा रहा है. हालांकि मेरा स्कूल अब बंद नहीं है. मैं जूम क्लास के जरिए अपने छात्रों को पढ़ा रही हूं. मेरे विद्यार्थी पूछते हैं कि स्कूल कब शुरू होगा. निश्चित ही बच्चे सिर्फ घर में बैठकर नहीं पढ़ सकते, स्कूल में उनकी मौजूदगी उनके पूरे व्यक्तित्व के विकास में सहायक होती है.” 

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वे कहती हैं कि ”कभी-कभी सोचती हूं कि दुनिया कुछ ज्यादा ही तेजी से भागने लगी थी. ईश्वर ने यह वक्त दिया ताकि लोग अपनों के साथ ज्यादा समय बिता सकें और महामारी के बुरे वक्त में सकारात्मक सोच विकसित कर सकें.”

अल जुबैल में डेढ़ सौ से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हुए और इससे मरने वालों में एक भारतीय भी शामिल हैं जो कि केरल के मूल निवासी थे. सउदी अरब में अब तक 1,16,021 केस सामने आए जिसमें से 35,145 एक्टिव केस हैं और 80,019 मरीज ठीक हो चुके हैं. यहां वायरस ने 857 लोगों की जान ले ली है.

किसी भी देश में रहें, जरूरतमंदों की मदद करना जरूरी

मध्य अफ्रीका की छोटी सी काउंटी गेबन के लिब्रेविले शहर में रह रहे जियोलॉजिस्ट परवेज अहमद खान कोविड-19 महामारी के इस भयावह दौर में उज्जैन के अपने परिवार से काफी दूर अकेले हैं. पोर्ट पर कार्यरत परवेज मैगनीज के क्वालिटी कंट्रोल का काम करते हैं इसलिए वर्क फ्राम होम की सुविधा उनके लिए संभव नहीं है. 

परवेज ने बताया कि ”कोविड-19 का गेबन पर काफी असर हुआ. इसका प्रमुख कारण यह था कि यहां पर दैनिक जरूरत के सामान का बहुत कम उत्पादन होता है. अधिकांश सामान विदेशों से आयात होता है. उन्होंने बताया कि मेडिकल सुविधाएं जरूरत से काफी कम हैं. लोगों में भी महामारी को लेकर अधिक जागरूकता नहीं है. जहां सरकार ने ज्यादा बंदिशें नहीं लगाईं वहीं लोग भी जो थोड़े-बहुत प्रतिबंध हैं उनका पालन ठीक से नहीं कर रहे हैं. हालांकि यहां बसे सभी भारतीय इस महामारी को लेकर चिंतित हैं.”     

गेबन में कोरोना वायरस संक्रमण के 3,463 केस अब तक आए जिसमें से 2,416 एक्टिव केस हैं और 1024 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. इस देश में कोविड-19 ने 23 लोगों की जान ले ली है. परवेज ने बताया कि ”गेबन में टोटल लॉकडाउन 14 दिन का हुआ था लेकिन सरकार इतनी सक्षम नहीं है कि पूरी आबादी का पेट भर सके इसलिए खोल दिया. फिलहाल शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन रहता है. बाकी समय लोगों को मास्क पहनकर आवाजाही करने की छूट है. सैनिटाइजेशन करके सार्वजनिक स्थलों पर जाने का नियम है. दुकान, मॉल वगैरह में इसके बिना प्रवेश नहीं दिया जाता.”  

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परवेज बताते हैं कि गेबन में महामारी का सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों ने उठाया. खास तौर पर डेली वेजेस लेबर बहुत परेशान हुए. उन्होंने बताया कि ”शहर में किराना, सब्जियां आसानी से मिल रही हैं.  कोविड-19 ने रहन-सहन बहुत बदल डाला है. अब मास्क लगाए बगैर घर से नहीं निकल सकते. लोगों से दूरी बनाकर रखाना होती है.  कार में दो लोगों से ज्यादा लोग सवार नहीं हो सकते. अब बार-बार हाथ धोने की आदत भी हो गई है. यदि कभी हाथ धोना भूल जाएं तो दिन भर दिमाग में कोरोना का भय बना रहता है. लगता है कि गले में कुछ फंस रहा है. हालांकि धीरे-धीरे इस महामारी के माहौल में जीने की आदत होती जा रही है.”         

परवेज ने बताया कि ”लॉकडाउन के दौरान उन्होंने खाना बनाना और ऑनलाइन गिटार सीखना शुरू किया जिससे फायदा हुआ. अब अलग-अलग डिशें बनाना सीख लिया है और गिटार के तारों से मधुर स्वर, धुनें निकलने लगी हैं.” उन्होंने बताया कि यहां के अत्यधिक गरीब लोगों तक वे अपने साथियों के साथ राशन पहुंचा रहे हैं. वे कहते हैं कि ”हम किसी भी देश में रह रहे हों, जरूरतमंदों को मदद देना तो जरूरी है.”



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हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली- हरियाणा सीमा पर लगे प्रतिबंध खत्म होंगे


नई दिल्ली:

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के साथ अपनी सीमाओं पर प्रतिबंध हटाने के लिए हरियाणा सरकार को आदेश दिया है. हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक डॉक्टरों, नर्सों, पुलिसकर्मियों व अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को सीमा पर आने- जाने की इजाजत होगी. दूसरों को भी आवेदन के 30 मिनट के भीतर ई-पास मिलेगा और सामान की आपूर्ति फिर से शुरू होगी.

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उधर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहन लाल खट्टर ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य में ‘प्रयोग के आधार पर’ सार्वजनिक परिवहन बहाल किया जाएगा और शुक्रवार से चुनिंदा मार्गों पर सीमित संख्या में बसें चलेंगी. आर्थिक और अन्य गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कोरोना वायरस लॉकडाउन पाबंदियों में ढील देने पर राज्य सरकार द्वारा विचार किए जाने के बीच खट्टर ने स्पष्ट किया कि राज्य अपनी तैयारी में कमी नहीं लाएगा और चीजें यदि योजना के अनुसार आगे नहीं बढीं तो वह और कड़े प्रतिबंध लगाने से गुरेज नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र ने रेड, ओरेंज और ग्रीन जोन से संबंधित दिशानिर्देश अब संशोधित किए हैं, ऐसे में राज्य सरकार आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए जिलावार नीति तैयार करेगी.

पच्चीस मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के बाद बंद सार्वजनिक परिवहन सेवा बहाल करने के संबंध में मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा, ‘प्रयोग के आधार पर हम शुक्रवार से स्थानीय राज्य परिवहन शुरू कर रहे हैं.’ उन्होंने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘जैसे हम पंचकूला, अंबाला, सिरसा, महेंद्रगढ़ और नारनौल मार्गों पर कुछ बसें चलाएंगे.’



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बिहार : एक दिन में अब तक सबसे ज्यादा 130 कोरोना पॉज़िटिव मरीज मिले, राज्य के सभी जिले COVID-19 की गिरफ्त में


बिहार में 130 और कोरोना संक्रमित मरीज मिले (फाइल फोटो)

पटना:

बिहार में मंगलवार को सर्वाधिक 130 कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ मिले. इनमें 124 वो लोग हैं जो प्रवासी श्रमिक हैं. यह राज्य में एक दिन में अब तक की सबसे अधिक संख्या है. राज्य के जमुई ज़िले में भी एक मरीज़ मिलने के बाद अब राज्य के सभी ज़िले कोरोना प्रभावित हो गये हैं. इस बीच, राज्य सरकार ने भाजपा विधायकों की मांग के बाद दूसरे राज्य से निजी वाहन से आने की अनुमति दे दी है, लेकिन उसमें शर्त यही लगाई गयी है कि इन लोगों के पास संबंधित राज्य के पदाधिकारियों के द्वारा जो पास निर्गत किया गया है वो पदाधिकारी के द्वारा बिहार राज्य के संबंधित जिला पदाधिकारी को भी इसकी सूचना दे दी गई हो. 

इसकी के साथ अगर भाड़े पर वाहन बाहर से आ रहे हैं तो उन वाहनों को वापस लौटने की अनुमति भी रहेगी साथ ही साथ राज्य सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि राज्य के अंदर लॉकडाउन के पहले से फंसे हुए लोगों को अब 1 ज़िले से दूसरे ज़िले जाने के लिए जिला पास जिला पदाधिकारी के द्वारा जारी किया जाएगा लेकिन उन्हें दूसरे ज़िले के पदाधिकारी को भी सूचित करना होगी.

बिहार में कोरोना पॉज़िटिव मामलों पिछले कुछ दिनों में तेजी से बढ़े हैं. मंगलवार सुबह तक के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या 800 से ऊपर पहुंच गई है. इसमें से 6 लोगों की अब तक मौत हो गई है. वहीं, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 70,000 के पार पहुंच गई है. 

कोरोनावायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच देश में लॉकडाउन (Lockdown 4.0) जारी रहेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश को संबोधित करते हुए इसकी घोषणा की. उन्होंने ये नय रंग-रूप वाला, नया नियमों वाला होगा. इससे संकेत मिल रहे हैं कि इस बार लॉकडाउन में कुछ और ढील दी जा सकती है. देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और कोरोना से लड़ने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का भी ऐलान हुआ.



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