छत्तीसगढ़: क्वारंटाइन सेंटर पर स्वास्थ्य कर्मी की पिटाई करते आया नजर

छत्तीसगढ़: क्वारंटाइन सेंटर पर स्वास्थ्य कर्मी की पिटाई करते आया नजर

छत्तीसगढ़: क्वारंटाइन सेंटर पर स्वास्थ्य कर्मी की पिटाई करते आया नजर


सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है VIDEO

राजनंदगांव:

छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव के अंतर्गत आने वाले पंडरी के क्वारंटाइन सेंटर पर एक प्रवासी मजदूर के पिटाई का वीडियो वायरल हुआ था. सीएमएचओ ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि जिस प्रवासी मजदूर की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है दरअसल उसने शराब पी रखी थी. इसके साथ ही सीएमएचओ ने स्वास्थ्य कर्मी को नोटिस जारी करते हुए सेंटर से हटा दिया था. 

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सीएमएचओ डॉक्टर मिथिलेश चौधरी ने कहा कि वह प्रवासी मजदूर क्वारेंटाइन सेंटर से दो घंटे के लिए गायब हो गया था, जब वह लौटा तो आक्रोशित स्वास्थ्य कर्मी ने उसी पिटाई कर दी. आरोपी स्वास्थ्यकर्मी को सेंटर से हटा दिया गया है. 

बता दें कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है उसमें स्वास्थ्य कर्मी, प्रवासी मजदूर की पिटाई करते हुए दिखाई दे रहा है. सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य कर्मी के इस कृत्य की   जोरदार आलोचना हुई थी. 



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कोरोना महामारी के दौर में भी जीवन के अनमोल पल हासिल कर लिए इन अप्रवासी भारतीयों ने


लॉकडाउन में तो अपूर्व सुख भी छिपा था

ब्रिटेन में अब कोरोना वायरस से 2,92,860 लोग संक्रमित हैं. इनमें से एक्टिव केस 2,50,218 हैं     और 1,278 लोग इस बीमारी से उबर चुके हैं. ब्रिटेन में इस महामारी से अब तक 41,364 लोगों की मौत हो चुकी है. लंदन में रह रहे मेडिकल एजुकेशन के छात्र सम्यक कहते हैं कि ”कोविड महामारी दुनिया को गहरी चिंता की स्थिति में ले आई है. यह कठिन चुनौती का समय है. लॉकडाउन से दुनिया की रफ्तार धीमी पड़ गई है लेकिन इसका एक प्रतिपक्ष भी है. मुझे लॉकडाउन में ही पता चला कि इसमें अपूर्व सुख भी छिपा था. मुझे इस दौरान वे अनमोल पल हासिल हुए जो शायद मुझे फिर कभी नहीं मिलेंगे. हमें नहीं पता कि हम अपने परिवारों के साथ कब इतना ज्यादा समय बिता पाएंगे और एक-दूसरे की इतनी देखभाल कर सकेंगे.”    

सम्यक ने कहा कि ”हमारे लिए लॉकडाउन एक अजीब अनुभव रहा है, जिसके बारे में सभी लोग सहमत होंगे क्योंकि इस महामारी ने तो पूरी दुनिया की मनोदशा बदल डाली है. लंदन वास्तव में चिंताजनक स्थिति में है और यूके ने कोरोना वायरस संक्रमण के हालात का सामना कैसे किया है… इसे देखना, अनुभव करना डरा देने वाला है. एक हफ्ते तक रोज 900 मौतें होती रहीं. यह भय के साथ जिंदगी जीने का कटु अनुभव रहा है.”

सम्यक बताते हैं कि ”मैं एमबीबीएस का छात्र हूं लेकिन इस महामारी के दौर में मुझे कोविड 19 के इलाज के लिए मूल्यवान चिकित्सा अनुभव नहीं मिल सका. जबकि मुझे जिस अस्पताल में ट्रेनिंग दी जाती है उसमें देश के प्रधानमंत्री को भर्ती किया गया था.”

वे कहते हैं कि ”ब्रिटेन में बदले हालात में छात्र परीक्षा को लेकर चिंता में हैं. यूनिवर्सिटी के अंतिम वर्ष के कई छात्र इन सवालों को लेकर चिंतित हैं कि ऑनलाइन परीक्षाओं के बाद उनको मिलने वाली डिग्री की वेल्यू कम तो नहीं होगी? और क्या उन्हें फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा?”

सम्यक कहते हैं कि ”समस्या सिर्फ हायर एजुकेशन में ही नहीं है, स्कूली छात्र भी अपने भविष्य को लेकर पशोपेश में हैं. उन्होंने कहा कि मेरे भाई अवि की तरह हाई स्कूल के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले तमाम छात्र चिंतित हैं क्योंकि उनकी परीक्षाएं कैंसिल कर दी गई हैं. यह उनके जीवन की सबसे अहम परीक्षा है जो यह निर्धारित करती है कि वे किस यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले सकेंगे और वे किस तरह के कैरियर के लिए आगे बढ़ सकेंगे. यह परीक्षाएं नहीं होने से उन्हें उनके शिक्षकों के आकलन के मुताबिक ग्रेड मिलेगा. क्या यह अनुमानित ग्रेड वास्तव में उनकी योग्यता का सही आकलन होगा? क्या वे गर्मियों की इन परीक्षाओं में साल भर के प्रदर्शन से भी कहीं अधिक बेहतर रिजल्ट नहीं ला सकते थे?” 

सम्यक ने बताया कि ”लॉकडाउन के दौरान मैं अपने स्टूडेंट एकमोडेशन से अपने घर पर लौट आया. यहां आकर अनुभव हुआ कि वास्तव में लॉकडाउन में अपूर्व सुख भी छिपा था. मुझे इस दौरान वे अनमोल पल हासिल हुए जो शायद मुझे फिर कभी नहीं मिलेंगे. हमें नहीं पता कि हम अपने परिवारों के साथ कब इतना ज्यादा समय बिता पाएंगे और एक-दूसरे की इतनी देखभाल कर सकेंगे.”

सम्यक कहते हैं कि ”हम भाग्यशाली हैं कि इस वैश्विक महामारी के बीच परिवार के साथ स्वास्थ और सुरक्षित हैं. मेरे माता-पिता दोनों घर पर हैं. भले ही मेरे पिता रवि पांडे घर में अपनी डेस्क पर बहुत समय बिता रहे हैं, पर इसके साथ वे हम सभी के साथ क्वालिटी टाइम भी बिता रहे हैं. हम हर दिन टीवी वेब-सीरीज़ देख रहे हैं. नेटफ्लिक्स और अमेजान प्राइम पर करीब सारा हिंदी केंटेंट देख डाला है. मुझे तो अब लगता है कि हम चारों क्रिटिक बन सकते हैं. पहले कभी नहीं सोचा था कि हम कभी अपनी वॉच लिस्ट से टीवी और फिल्मों का आनंद ले सकेंगे.”

उन्होंने कहा कि ”लॉकडाउन के इस दौर में शानदार लंच और डिनर तैयार करने वाली मेरी मां राखी किसी शेफ से कम साबित नहीं हुई हैं. घर के बगीचे में भोजन का आनंद लेने का एक अनुभव भी इन्हीं दिनों में मिल सका है. बात यहीं खत्म नहीं हो जाती लॉकडाउन के दौरान ही अपनी चिंताओं को परे रखकर हमने हनुमान चालीसा पाठ के लिए एक बेहतरीन जूम पार्टी का आयोजन किया.”

गौरतलब है कि लंदन में कोविड-19 से छह हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और करीब 200 लोगों की मौत हो चुकी है.

दुनिया बदल जाएगी, लेकिन फिर भी पहले की तरह दौड़ेगी

अमेरिका पूरी दुनिया में कोरोना महामारी से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. अमेरिका में वायरस संक्रमण के अब तक 20,23,385 मामले आए जिसमें से 13,70,922 एक्टिव केस हैं. यहां 5,38,645 मरीज इस बीमारी से उबर चुके हैं और 1,13,818 लोगों की मौत हो चुकी है. अंकिता शर्मा अमेरिका के वाशिंगटन स्टेट के मिल क्रीक में रहती हैं. महामारी की इस त्रासद स्थिति में उनकी मनोदशा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद उनसे जब बात की तो उन्होंने सबसे पहले यही कहा कि वक्त तो बदलता रहता है, हमेशा सब कुछ अच्छा तो नहीं हो सकता. यह वक्त भी निकल जाएगा और भले ही तब दुनिया में बहुत कुछ बदल जाएगा लेकिन यह तब भी दुनिया दौड़ेगी, अपने पुराने जोश के साथ दौड़ेगी.    

            

अंकिता कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के अब तक बीते दौर के बारे में अपने अनुभव बताते हुए सिहर उठती हैं. वे कहती हैं कि ”हमने अपने काउंटी में कोरोना वायरस के संक्रमण के पहले मामले के बारे में जब सुना तब वह जनवरी का महीना था. हम थोड़े डरे जरूर थे लेकिन यह अंदाजा नहीं था कि हालात बड़ी तेजी से बहुत बुरे हो जाएंगे. मुझे ठीक तरह से याद है वह 29 फरवरी का दिन था जब मैं अपने दोस्तों के साथ थी और तभी पता चला कि कोरोना वायरस से लोगों की मौत होने लगी हैं. इसके बावजूद यहां जीवन तो आम दिनों की तरह ही चल रहा था. मैं और मेरे पति राजेश पहले की तरह ही काम कर रहे थे और हमारा बेटा शुभ स्कूल जा रहा था. आम तौर पर सफाई रखने के जैसे निर्देश हम हमेशा उसे देते हैं, तब भी दे रहे थे.” 

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अंकिता ने कहा कि ”कुछ ही समय गुजरा और अपने साथ त्रासदी की स्थिति लेकर आ गया. पूरे अमेरिका में वाशिंगटन एक ऐसा स्टेट बन गया जिसमें कोविड-19 के सबसे अधिक पॉजिटिव केस थे. मौतों की संख्या हमें भयभीत कर रही थी. मार्च आधा गुजरते-गुजरते स्कूल बंद कर दिए गए और कामकाज वर्क फ्राम होम कर दिया गया. किराने का सामान आसानी से मिलना बंद हो गया. हालांकि वाशिंगटन स्टेट में टोटल शटडाउन नहीं हुआ था. किराने के सामान की दुकानें कभी बंद नहीं हुई थीं. जबकि पॉजिटिव केस स्कूलों, दफ्तरों, हमारी सोसायटी, ग्रासरी शॉप.. हर जगह मिल रहे थे.”

अंकिता कहती हैं कि ”अमेरिका में कोविड का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. जैसे-जैसे समय बीत रहा है हम इस महामारी के वक्त के साथ चलने की कोशिश करते हुए सामान्य होते जा रहे हैं, लेकिन यह तय है कि हम पहले जैसे नहीं रहे.”

बेटी के साथ खेलने का ऐसा आनंद पहले नहीं मिला 

ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस का असर अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन या भारत जैसे देशों से काफी कम हुआ. इस देश में कोविड-19 संक्रमण के 17 हजार से कुछ अधिक केस पाए गए जिसमें से अब 400 से अधिक एक्टिव केस हैं. कोरोना वायरस से यहां 674 लोगों की मौत हो चुकी है. हालात ज्यादा नहीं बिगड़े लेकिन दुनिया के साथ यहां के लोगों की भी चिंताएं तो बढ़ी ही रही हैं. इस विशाल देश में सरकार ने तुरंत प्रभावी कदम उठाकर महामारी फैलने के रास्ते काफी हद तक बंद कर दिए.   

ऑस्ट्रेलिया में हालात धीरे-धीरे सामान्य होते जा रहे हैं. मेलबर्न में रहने वालीं ऋचा दुबे बैंक अधिकारी हैं.  उन्होंने बताया कि ”हम लोगों को लॉकडाउन के कारण घर में बंद हुए 10 हफ्ते से अधिक वक्त बीत गया. इस अरसे में बहुत कुछ बदल गया, मेलबर्न में भी बदलाव आया.” 

ऋचा ने कहा कि ”चूंकि कोरोना वायरस का संक्रमण बुजुर्गों पर ज्यादा असर करता है इसलिए यहां की सरकार ने सुबह सात से आठ बजे तक का समय बुजुर्गों के शॉपिंग करने के लिए तय किया. इस समय वे अपने लिए दूध, सब्जियां वगैरह खरीद लेते हैं. इस अवधि में 60 साल से अधिक उम्र का कोई व्यक्ति बाजार में नहीं जा सकता.” 

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वे कहती हैं कि ”सरकार के बनाए इस तरह के नियमों से बेहतर परिणाम मिले हैं. इससे कोरोना संक्रमितों की संख्या कम हुई. इसी के कारण सरकार ने तीन चरणों में लॉकडाउन खत्म करने का प्लान बनाया. फिलहाल पहला चरण चल रहा है. यह ठीक रहा तो फिर अगले चरणों में क्रमश: लॉकडाउन खत्म किया जाएगा. सरकार की कोशिश है कि जुलाई खत्म होते-होते सब कुछ सामान्य हो जाए.” 

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ऋचा कहती हैं कि ”लॉकडाउन में मेरे परिवार का रुटीन भी बदल गया है. सुबह उठकर व्यायाम फिर भगवान का ध्यान और फिर ऑफिस का काम करते-करते खाना बनाना.” उन्होंने बताया कि ”लॉकडाउन में वर्क फ्राम होम होने के कारण पूरा वक्त परिवार के साथ बीत रहा है. पति अंशुल और मैं अपनी बेटी सिया के साथ भरपूर समय बिता पा रहे हैं. उसे बहुत कुछ ऐसा सिखा रहे हैं जो आम दिनों की व्यस्तताओं में संभव नहीं हो पाता. हम अलग-अलग तरह की डिशें बनाते हैं और उन्हें इनज्वॉय करते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि हम खेल भी पाते हैं.”  ऋचा कहती हैं कि जल्द से जल्द इस महामारी से छुटकारा मिल जाए तो दुनिया अपनी गति को फिर से पा सकेगी.    

सकारात्मक सोच विकसित करने का वक्त

सउदी अरब के अल जुबैल में रह रहीं टीचर रूमा दुबे कहती हैं कि ”मैं और मेरा परिवार पिछले 14 साल से अल जुबैल में है. यहां बड़ी संख्या में भारतीय हैं. हमारा परिवार शहर के इंडिया कम्पाउंड इलाके में रहता है. मैं इंडिया स्कूल में हिन्दी पढ़ाती हूं.” उन्होंने बताया कि ”कुछ अरसे पहले तक सब कुछ ठीक चल रहा था कि अचानक कोरोना वायरस ने सउदी अरब को भी हिला दिया. इसने जैसे अचानक जनजीवन पर ब्रेक लगा दिया और सब कुछ बदल गया. यहां आठ मार्च से स्कूल बंद हो गए. मेरा छोटा बेटा 12वीं में पढ़ता है. उसकी परीक्षाएं रुक गईं और उसके भविष्य पर ग्रहण लग गया. हालांकि सउदी अरब सरकार ने देश के हालात नहीं बिगड़ने दिए और कोरोना की आहट मिलते ही लॉकडाउन कर दिया. चूंकि यहां की आबादी काफी कम है इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर ज्यादा मशक्कत करने की जरूरत भी नहीं थी.” 

रूमा ने कहा कि ”लॉकडाउन से दुनिया थमी हुई है लेकिन इसके कई फायदे भी हुए हैं. मेरा अनुभव बहुत अच्छा है. इस दौरान मैं अपने परिवार को काफी समय दे पा रही हूं. योग और कुकिंग के लिए भी भरपूर समय मिल पा रहा है. हालांकि मेरा स्कूल अब बंद नहीं है. मैं जूम क्लास के जरिए अपने छात्रों को पढ़ा रही हूं. मेरे विद्यार्थी पूछते हैं कि स्कूल कब शुरू होगा. निश्चित ही बच्चे सिर्फ घर में बैठकर नहीं पढ़ सकते, स्कूल में उनकी मौजूदगी उनके पूरे व्यक्तित्व के विकास में सहायक होती है.” 

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वे कहती हैं कि ”कभी-कभी सोचती हूं कि दुनिया कुछ ज्यादा ही तेजी से भागने लगी थी. ईश्वर ने यह वक्त दिया ताकि लोग अपनों के साथ ज्यादा समय बिता सकें और महामारी के बुरे वक्त में सकारात्मक सोच विकसित कर सकें.”

अल जुबैल में डेढ़ सौ से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हुए और इससे मरने वालों में एक भारतीय भी शामिल हैं जो कि केरल के मूल निवासी थे. सउदी अरब में अब तक 1,16,021 केस सामने आए जिसमें से 35,145 एक्टिव केस हैं और 80,019 मरीज ठीक हो चुके हैं. यहां वायरस ने 857 लोगों की जान ले ली है.

किसी भी देश में रहें, जरूरतमंदों की मदद करना जरूरी

मध्य अफ्रीका की छोटी सी काउंटी गेबन के लिब्रेविले शहर में रह रहे जियोलॉजिस्ट परवेज अहमद खान कोविड-19 महामारी के इस भयावह दौर में उज्जैन के अपने परिवार से काफी दूर अकेले हैं. पोर्ट पर कार्यरत परवेज मैगनीज के क्वालिटी कंट्रोल का काम करते हैं इसलिए वर्क फ्राम होम की सुविधा उनके लिए संभव नहीं है. 

परवेज ने बताया कि ”कोविड-19 का गेबन पर काफी असर हुआ. इसका प्रमुख कारण यह था कि यहां पर दैनिक जरूरत के सामान का बहुत कम उत्पादन होता है. अधिकांश सामान विदेशों से आयात होता है. उन्होंने बताया कि मेडिकल सुविधाएं जरूरत से काफी कम हैं. लोगों में भी महामारी को लेकर अधिक जागरूकता नहीं है. जहां सरकार ने ज्यादा बंदिशें नहीं लगाईं वहीं लोग भी जो थोड़े-बहुत प्रतिबंध हैं उनका पालन ठीक से नहीं कर रहे हैं. हालांकि यहां बसे सभी भारतीय इस महामारी को लेकर चिंतित हैं.”     

गेबन में कोरोना वायरस संक्रमण के 3,463 केस अब तक आए जिसमें से 2,416 एक्टिव केस हैं और 1024 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. इस देश में कोविड-19 ने 23 लोगों की जान ले ली है. परवेज ने बताया कि ”गेबन में टोटल लॉकडाउन 14 दिन का हुआ था लेकिन सरकार इतनी सक्षम नहीं है कि पूरी आबादी का पेट भर सके इसलिए खोल दिया. फिलहाल शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन रहता है. बाकी समय लोगों को मास्क पहनकर आवाजाही करने की छूट है. सैनिटाइजेशन करके सार्वजनिक स्थलों पर जाने का नियम है. दुकान, मॉल वगैरह में इसके बिना प्रवेश नहीं दिया जाता.”  

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परवेज बताते हैं कि गेबन में महामारी का सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों ने उठाया. खास तौर पर डेली वेजेस लेबर बहुत परेशान हुए. उन्होंने बताया कि ”शहर में किराना, सब्जियां आसानी से मिल रही हैं.  कोविड-19 ने रहन-सहन बहुत बदल डाला है. अब मास्क लगाए बगैर घर से नहीं निकल सकते. लोगों से दूरी बनाकर रखाना होती है.  कार में दो लोगों से ज्यादा लोग सवार नहीं हो सकते. अब बार-बार हाथ धोने की आदत भी हो गई है. यदि कभी हाथ धोना भूल जाएं तो दिन भर दिमाग में कोरोना का भय बना रहता है. लगता है कि गले में कुछ फंस रहा है. हालांकि धीरे-धीरे इस महामारी के माहौल में जीने की आदत होती जा रही है.”         

परवेज ने बताया कि ”लॉकडाउन के दौरान उन्होंने खाना बनाना और ऑनलाइन गिटार सीखना शुरू किया जिससे फायदा हुआ. अब अलग-अलग डिशें बनाना सीख लिया है और गिटार के तारों से मधुर स्वर, धुनें निकलने लगी हैं.” उन्होंने बताया कि यहां के अत्यधिक गरीब लोगों तक वे अपने साथियों के साथ राशन पहुंचा रहे हैं. वे कहते हैं कि ”हम किसी भी देश में रह रहे हों, जरूरतमंदों को मदद देना तो जरूरी है.”



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एयरलाइन रिफंड मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा ग्राहकों को क्रेडिट इस्तेमाल के लिए मिले 2 साल का समय़, तीन हफ्तों में मांगा जवाब

एयरलाइन रिफंड मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा ग्राहकों को क्रेडिट इस्तेमाल के लिए मिले 2 साल का समय़, तीन हफ्तों में मांगा जवाब


कोर्ट ने केंद्र से अपना पक्ष रखने के लिए कहा

नई दिल्ली:

लॉकडाउन के कारण रद्द हुए टिकटों के रिफंड मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने मामले में केंद्र से अपना पक्ष रखने के लिए कहा है. कोर्ट के अनुसार केंद्र और एयरलाइंस इसके तौर तरीकों पर चर्चा करें और अदालत को जवाब दें. कोर्ट ने एयरलाइन्स और केंद्र सरकार से सवाल भी किया कि क्रेडिट के लिए कम समय अवधि या उसी मार्ग के लिए सीमित क्यों किया जाना चाहिए. क्यों नहीं ग्राहक को ज्यादा समय दिया जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा ग्राहक को कम से कम 2 साल का समय दिया जाना चाहिए साथ ही उसे इस क्रेडिट का इस्तेमाल कियी भी रूट पर करने की अनुमति भी दी जानी चाहिए. 

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कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सभी एयरलाइंस इसमें पार्टियों के रूप में सुना जाएगा. कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए तीन हफ्ते के बाद की तारीख दी है. 

बता दें कि  एयरलाइन्स कंपनी लॉक डाउन के पहले चरण ( 25 मार्च से 14 अप्रैल) के बीच बुक कराए गए टिकट का ही रिफंड दे रही है. दरअसल एयरलाइंस कंपनी लॉकडाउन के पहले चरण (25 मार्च -14 अप्रैल ) बुक कराए गए टिकट का तो रिफंड दे रही है. लेकिन उससे पहले बुक कराए टिकट के पैसे ग्राहकों को नहीं लौटा रही है. कंपनियों ने इसके एवज में उन्हें बिना अतिरिक्त शुल्क के नई तारीखों पर बुकिंग की सुविधा देने का फैसला किया है.  



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Coronavirus: दिल्ली सरकार ने सर गंगाराम अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज कराया


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो).

नई दिल्ली:

Delhi Coronavirus: दिल्ली सरकार ने निजी अस्पताल सर गंगाराम अस्पताल (Sir Gangaram Hospital) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है. अस्पताल के खिलाफ सरकारी आदेश की अवहेलना का प्रकरण दर्ज किया गया है.

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शिकायत के मुताबिक कोरोना वायरस (Coronavirus) का टेस्ट करने के लिए जरूरी है कि सैंपल RT PCR ऐप के जरिए ही लिए जा सकते हैं. जबकि पाया गया है कि गंगाराम अस्पताल में 3 जून को भी RT PCR ऐप का इस्तेमाल नहीं हो रहा था. लिहाजा आईपीसी की धारा 188 के तहत सरकारी आदेश की अवहेलना करने का मामला दर्ज किया जाए. 

RT-PCR ऐप के जरिए ही लैब सैंपल ले सकते हैं जिससे कोरोना संबंधित डाटा रियल टाइम में सरकार के डेटाबेस में आ सके और कोई दोहराव या गलती न हो.

इससे पहले आज दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने प्राइवेट अस्पतालों को फटकार लगाई. डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों को चेतवानी देते हुए कहा कि आप गलत हरकत कर रहे हैं. दिल्ली के सीएम ने कहा कि अस्पताल पहले शिकायत करते थे कि बेड नहीं लेकिन ज्यादा कहने पर 20 से 50 हजार की मांग करते थे. उन्होंने कहा ऐसी ही शिकायतों के समाधान के लिए दिल्ली सरकार ने ऐप लॉन्च किया. हमने ऐप में सारी जानकारी डाल दी कि कहां बेड खाली हैं और कहां नहीं, लेकिन लोग ऐसे टूट पड़े जैसे कि हमने यह जानकारी देकर गड़बड़ी कर दी. 

न्यूज चैनल का हवाला देते हुए सीएम ने कहा कि एक न्यूज एंकर लाइव कार्यक्रम में प्राइवेट अस्पताल को फोन करता है, अस्पताल उसे कहता है कि दाखिले के एवज में पैसों की मांग करता है. सीएम के अनुसार कुछ लोगों का माफिया है जिसको तोड़ने में थोड़ा समय लग रहा है. कुछ चंद अस्पताल इतने ताकतवर हो गए हैं कि उनकी सभी पार्टियों में पहुंच है. वह कह रहे हैं कि हम मरीज नहीं लेंगे तो मैं कह रहा हूं कि मरीज तो लेने पड़ेंगे आपको. दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको सस्ती दर पर जमीन इसलिए दी गई थी ताकि आप जनता की सेवा करें. 

अरविंद केजरीवाल ने प्राइवेट अस्पतालों से सख्त लहजे में कहा कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा, इस गुमान में मत रहना कि दूसरी पार्टी में बैठा कोई नेता आपका आका आपको बचा लेगा. कल से हम एक-एक अस्पताल के मालिक को बुला रहे हैं सबसे पूछा जा रहा है. अस्पतालों को कहा गया है कि 20 सीसी बेड रिजर्व करो. उन्होंने कहा कि कुछ अस्पतालों की समस्या सही होती है, हम उसको मान लेते हैं. लेकिन कोरोना वायरस मरीजों का इलाज करना पड़ेगा, इसमें कोई समझौता नहीं होगा. मुझे खुशी है कि न्यूज़ चैनल वाले और अखबार वाले 11 अस्पतालों को फोन करके पूछ रहे हैं कि बेड है या नहीं, इससे फायदा भी हो रहा है.

VIDEO : अस्पतालों में बेड की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए ऐप लॉन्च



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‘भारत की भूमिका अहम’ PM मोदी के साथ कोरोना वैक्सीन पर चर्चा के बाद बिल गेट्स ने ट्विटर पर दी प्रतिक्रिया


बिल गेट्स ने PM Modi के साथ चर्चा के बाद कहा Thank You

नई दिल्ली:

पीएम मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष बिल गेट्स से बातचीत की. दोनों के बीच कोरोना वायरस को लेकर चर्चा हुई. पीएम मोदी से बातचीत के बाद बिल गेट्स ने प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करते हुए ट्वीट किया. बिल गेट्स ने ट्वीट कर कहा कि बातचीत और विमर्श के लिए नरेंद्र मोदी का शुक्रिया, इस माहामारी से जंग के लिए विश्व का एकजुट होना जरूरी है. दुनिया पर कोरोना के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को कम करने में भारत की अहम भूमिका है. जोकि सबके लिए कोरोना की वैक्सीन के परीक्षण और इलाज का रास्ता साफ करती है.  

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बता दें कि गुरुवार को बिल गेट्स के साथ बातचीत में पीएम मोदी ने स्वास्थ्य संकट के खिलाफ लड़ाई में भारत द्वारा अपनाए गए सचेत दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया. प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ”बिल गेट्स के साथ विस्तार से बातचीत की. हमने कोरोना वायरस से लड़ने में भारत के प्रयास से लेकर, कोविड-19 से निपटने में गेट्स फाउंडेशन के काम, प्रौद्योगिकी, नवाचार की भूमिका और बीमारी के इलाज के लिए टीके के उत्पादन तक के मुद्दों पर चर्चा की.” मोदी ने गेट्स फाउंडेशन द्वारा भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में किए जा रहे स्वास्थ्य संबंधी कार्यों की सराहना की, जिसमें कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक प्रतिक्रिया का समन्वय शामिल है. 

वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह अध्यक्ष बिल गेट्स ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि वैश्विक प्रयासों में योगदान करने की भारत की इच्छा और क्षमता को देखते हुए, यह महत्वपूर्ण है कि महामारी को लेकर प्रतिक्रिया के समन्वय के लिए वैश्विक चर्चा में नयी दिल्ली को शामिल किया जाए.





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Coronavirus Updates: भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 67 हजार पार, बीते 24 घंटे में 97 की मौत


Coronavirus: भारत में लॉकडाउन के तीसरे चरण में भी बढ़ रही है COVID-19 के संक्रमितों की संख्या.

Coronavirus India latest Updates: देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद कोरोना से 67 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. वहीं 2206 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 67,152 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 4213 नए मामले सामने आए हैं और 97 लोगों की मौत हुई है. हालांकि, 20917 मरीज इस बीमारी को मात देने में सफल भी हुए हैं. रिकवरी रेट की बात की जाए तो यह फिलहाल 31.14 फीसदी है. 

Coronavirus (Covid-19) in India latest Updates :

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 67,152 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 4213 नए मामले सामने आए हैं और 97 लोगों की मौत हुई है. हालांकि, 20917 मरीज इस बीमारी को मात देने में सफल भी हुए हैं. 

दिल्ली: मंदिर मार्ग थाने का एक सब-इंस्पेक्टर कोरोना पॉजिटिव. थाने का कॉन्स्टबेल भी कोरोनो पॉजिटिव. उस थाने में तैनात 8 पुलिसवालों को क्वारंटाइन किया गया.

भारतीय नौसेना ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के बीच मालदीव में फंसे 202 भारतीयों को लेकर आईएनएस मगर रविवार को माले से केरल के कोच्चि के लिए रवाना हो गया.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को कहा कि रियाद से 139 और उज्बेकिस्तान से 21 भारतीय दिल्ली पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान से आया विमान वहां के नागरिकों एवं भारत से दवाओं की सहायता की खेप लेकर ताशकंद जायेगा.

मुंबई पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में रविवार को मॉडल और अभिनेत्री पूनम पांडे के खिलाफ मामला दर्ज किया है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

बिहार में क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए तीन लोगों की मौत. इन तीनों लोगों को अलग-अलग जिलों में क्वारंटाइ सेंटर में रखा गया था. औरंगाबाद, भागलपुर और मधुबनी में स्थित क्वारंटराइन सेंटर की घटनाएं हैं.

देश में मरीजों की संख्या 63 हजार के करीब पहुंच गई है. 2100 से ज्यादा मरीजों की मौत हो चुकी है. बिहार (Bihar Coronavirus Report) की बात करें तो रविवार को वहां 85 नए संक्रमितों का पता चलने से हड़कंप मच गया. राज्य में एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने का यह पहला मामला है.



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Coronavirus Updates: भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 60 हजार के करीब, अब तक 1981 मरीजों की मौत


Coronavirus: भारत में कोरोना के मामले नहीं थम रहे हैं. (फाइल फोटो)

Coronavirus Covid-19 Live Update: देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद कोरोना से करीब 60 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं. वहीं करीब 2000 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 59,662 हो गई है. पिछले 24 घंटों में (शनिवार सुबह तक) कोरोना के 3320 नए मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 95 लोगों की मौत हुई. अब तक 17,847 लोग इससे ठीक भी हो चुके हैं. रिकवरी रेट की बात की जाए तो यह फिलहाल 29.91 फीसदी है. देश में कोरोनावायरस से अब तक 1,981 लोगों की मौत हो चुकी है. बीते 7 दिनों में कोरोना के रिकवरी रेट की बात करें तो 3 मई को यह 26.59 फीसदी था. 4 मई को 27.45, 5 मई को 28.17, 6 मई को 28.71, 7 मई को 28.83, 8 मई को 29.35 और 9 मई को यह 29.91 फीसदी रहा.

Coronavirus India Live Updates in HIndi:



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Coronavirus Updates: देश में कोरोना वायरस से 56 हजार से अधिक लोग पीड़ित, 1800 से अधिक की मौत


Coronavirus: भारत में लॉकडाउन के तीसरे चरण में भी बढ़ रही है COVID-19 के संक्रमितों की संख्या.

नई दिल्ली:

Coronavirus Covid-19 Live Update: देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद कोरोना से 56 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. वहीं 1800 से ज्यादा लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 56342 हो गई है. कोरोना के 3390 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 103 की मौत हुई. अब तक कुल 16540 लोग इससे ठीक भी हो चुके हैं. हालांकि रिकवरी रेट की बात की जाए तो फिलहाल 29.35% रिकवरी रेट है. देश में कोरोना वायरस से अबतक 1886 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 16 हजार से ज्यादा लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं. इस बीच कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में इसके संक्रमितों का आकंड़ा 19 हजार के पार पहुंच गया है. शुक्रवार को महाराष्ट्र में कोरोना के 1089 नए मामले सामने आए. महाराष्ट्र में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 19063 पहुंच गया है. वहीं, मुंबई में कोरोना के 12142 संक्रमित हैं.

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